नई दिल्ली ।पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भारत को लेकर एक बार फिर कड़ा बयान दिया है। इस्लामाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि पाकिस्तान शांति चाहता है, लेकिन उसकी शांति की इच्छा को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाते हुए पाकिस्तान के पानी की हर बूंद को रेड लाइन बताया।
शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान अपने जल संसाधनों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए किसी भी चुनौती का सामना करने को तैयार है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि भारत की ओर से पाकिस्तान के पानी को लेकर कोई ऐसा कदम उठाया जाता है, जिसे इस्लामाबाद अपने हितों के खिलाफ मानता है, तो पाकिस्तान जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच संबंध पहले से तनावपूर्ण बने हुए हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच जल विवाद लंबे समय से संवेदनशील मुद्दा रहा है और सिंधु जल संधि को लेकर दोनों पक्षों के रुख में पिछले कुछ समय में काफी बदलाव देखने को मिला है।
शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन में मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में पाकिस्तान की संप्रभुता और सुरक्षा को चुनौती दी जाती है, तो उनका देश पहले से अधिक ताकत के साथ जवाब देने की स्थिति में है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अपने बयान में कश्मीर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कश्मीरियों के समर्थन में अपनी राजनीतिक और कूटनीतिक कोशिशें जारी रखेगा। इस बयान से यह स्पष्ट है कि इस्लामाबाद भारत के साथ अपने संबंधों में कश्मीर को अब भी प्रमुख मुद्दे के रूप में देखता है।
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने की पृष्ठभूमि में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का भी उल्लेख महत्वपूर्ण है। हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं से संबंधित कदम उठाए थे। इसके बाद मई 2025 में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाकर सैन्य कार्रवाई की थी।
शहबाज शरीफ ने इसी घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए भविष्य में किसी भी सुरक्षा चुनौती का जवाब देने की बात कही। उनका बयान पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले आया है, जिससे वहां राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश भी दिखाई देती है।
सिंधु नदी प्रणाली भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जल संसाधनों से जुड़ा कोई भी विवाद दोनों देशों में व्यापक राजनीतिक और रणनीतिक प्रभाव पैदा कर सकता है। ऐसे में पाकिस्तान की ओर से पानी को रेड लाइन बताने वाला बयान आने वाले समय में जल कूटनीति को लेकर चर्चा बढ़ा सकता है।
हालांकि, दोनों देशों के बीच संबंधों में स्थायी सुधार के लिए केवल सार्वजनिक बयान पर्याप्त नहीं होंगे। सुरक्षा, आतंकवाद, सीमा और जल जैसे संवेदनशील मुद्दों पर स्पष्ट संवाद और कूटनीतिक प्रयासों की आवश्यकता बनी हुई है।
शहबाज शरीफ के ताजा बयान से फिलहाल भारत-पाकिस्तान संबंधों में तल्खी कम होने के संकेत नहीं मिले हैं। पानी, कश्मीर और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी कायम हैं और आने वाले समय में इन पर दोनों पक्षों के रुख पर नजर रहेगी।
