बीजेपी की योजना के मुताबिक यह अभियान केवल यात्राओं और राजनीतिक संपर्क तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि जनभागीदारी सेवा गतिविधियों सरकारी योजनाओं के प्रचार और विकसित भारत 2047 के संकल्प को भी इससे जोड़ा जाएगा। गुजरात राजस्थान मध्यप्रदेश उत्तर प्रदेश छत्तीसगढ़ हरियाणा और दिल्ली से होकर गुजरने वाली इन यात्राओं में स्थानीय नागरिकों युवाओं महिलाओं विद्यार्थियों किसानों व्यापारियों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को अलग अलग गतिविधियों में शामिल करने की तैयारी है। अब तक 13 रूट तय किए जा चुके हैं जबकि अन्य मार्गों को अंतिम रूप देने पर मंथन जारी है।
मध्यप्रदेश में यात्राओं के संचालन और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी अलग अलग नेताओं को सौंपी जा रही है। पार्टी की कोशिश है कि यात्रा के हर प्रमुख पड़ाव को स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी का केंद्र बनाया जाए। यहां लोगों से उनके क्षेत्र के विकास को लेकर सुझाव लिए जाएंगे और सरकारी योजनाओं से जुड़े लोगों की वास्तविक कहानियों को सामने लाया जाएगा। 25 आइकॉन अभियान के तहत प्रत्येक पड़ाव से किसान शिक्षक महिला उद्यमी खिलाड़ी या किसी अन्य क्षेत्र में प्रेरणादायक काम करने वाले व्यक्ति का चयन किया जाएगा। इनमें से 25 श्रेष्ठ लोगों की वीडियो कहानियां तैयार कर नमो ऐप के जरिए लोगों तक पहुंचाने की योजना है।
अभियान में चिट्ठी 2047 के नाम के जरिए नागरिकों से यह पूछा जाएगा कि वे वर्ष 2047 तक अपने क्षेत्र और देश को किस रूप में देखना चाहते हैं। इसी तरह मेरे लिए भारत की प्रगति नाम से लोगों की राय रिकॉर्ड की जाएगी। अलग अलग स्थानों से जुटाई गई इन आवाजों को वाराणसी में जोड़कर एक विशेष फिल्म तैयार करने का प्रस्ताव है। यात्रा से स्थानीय प्रभावशाली लोगों और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स को भी जोड़ा जाएगा।
यात्रा के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों और देश के लिए बलिदान देने वाले स्थानीय वीरों से जुड़े गांवों और स्मारकों से मिट्टी एकत्र करने की भी योजना है। यह मिट्टी वाराणसी के मुख्य कार्यक्रम में अर्पित की जाएगी। कई प्रमुख पड़ावों पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे जहां सामान्य जांच ब्लड प्रेशर और शुगर जांच के साथ चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराने की तैयारी है। सरकारी योजनाओं की जानकारी और आवेदन में मदद के लिए योजना पंजीकरण सहायता डेस्क भी लगाए जाएंगे।
बीजेपी इस अभियान के जरिए वर्ष 2001 से 2026 तक हुए बदलावों को भी लोगों के सामने रखने की तैयारी कर रही है। पहले और अब प्रदर्शनी के जरिए सड़क स्कूल घर बिजली और दूसरी सुविधाओं में आए बदलावों को तस्वीरों और दस्तावेजों के माध्यम से दिखाया जाएगा। विकास की यात्रा नाम से नुक्कड़ नाटक भी आयोजित होंगे जिनमें एक परिवार की कहानी के जरिए विकास और सरकारी योजनाओं के असर को स्थानीय भाषा में समझाने की कोशिश की जाएगी।
मोदी के जन्मदिन से डिजिटल अभियान पर भी खास जोर रहेगा। भाजपा इन्फ्लुएंसर्स और रील्स के जरिए खासकर युवा पीढ़ी तक पहुंचने की रणनीति बना रही है। प्रत्येक शक्ति केंद्र को कम से कम 10 रील तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। इन वीडियो में सरकारी योजनाओं से लाभ पाने वाले वास्तविक लोगों की कहानियां दिखाई जाएंगी। वीडियो में लाभार्थी का नाम स्थान जिला और संबंधित योजना के साथ उसके जीवन में आए बदलाव को सामने लाने की योजना है।
कहानी बदलाव की अभियान के तहत करीब 25 लाख नागरिकों की वास्तविक कहानियां जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से लगभग 25 हजार कहानियों को शॉर्टलिस्ट कर करीब 250 प्रभावशाली कहानियों को प्रोफेशनल तरीके से तैयार किया जाएगा। इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर इनका व्यापक प्रचार किया जाएगा।
17 सितंबर की शाम आशीर्वाद का दीया अभियान के तहत बूथ स्तर पर लोगों के घरों में दीप जलाने की अपील की जाएगी। वहीं सेवा मेरा योगदान अभियान के तहत प्रत्येक नागरिक को कम से कम 25 मिनट समाज सेवा के लिए देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सेवा कार्य का फोटो या वीडियो बनाकर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साझा करने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।
गांवों में नमो सेवा गाथा के जरिए नुक्कड़ नाटक होंगे। आंगनवाड़ी केंद्रों पर आंगन का उत्सव आयोजित कर माताओं और कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाएगा। सेवा ज्योति यात्रा भी अलग अलग जिलों और गांवों से निकलेगी। इसके अलावा वड़नगर से काशी तक जल जन और सेवा संकल्प यात्रा में पवित्र नदियों का जल लेकर यात्रियों के पहुंचने की योजना है।
अभियान में सेवा सेतु के जरिए विधानसभा स्तर पर कैंप लगाने की भी तैयारी है जहां केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर दिलाने की कोशिश होगी। नदी घाटों की सफाई और सौंदर्यीकरण से लेकर ह्यूमन रंगोली और भारत मंडला जैसे कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। युवाओं के लिए राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज आयोजित किया जाएगा जिसमें विद्यार्थी स्टार्टअप और इनोवेटर्स अपने विचार और तकनीकी समाधान प्रस्तुत करेंगे।
इस पूरे अभियान का बड़ा समापन 17 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित जनसेवक महाकुंभ पंचायत से पार्लियामेंट के रूप में होगा। इसमें करीब 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों के शामिल होने का अनुमान है। इस तरह बीजेपी का यह अभियान एक साथ जनसंपर्क सेवा सरकारी योजनाओं की पहुंच सांस्कृतिक जुड़ाव और डिजिटल प्रचार को जोड़ने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है। पार्टी की रणनीति साफ है कि मोदी के जन्मदिन से शुरू होने वाला यह अभियान केवल जमीन पर होने वाले कार्यक्रमों तक सीमित न रहे बल्कि मोबाइल स्क्रीन और सोशल मीडिया के जरिए भी व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचे।
