आजकल कई प्रीमियम स्मार्टफोन में कैमरा मॉड्यूल फोन की बॉडी से थोड़ा बाहर निकला हुआ होता है। ऐसे में अगर फोन को कैमरा साइड नीचे करके किसी कठोर सतह पर रखा जाता है तो कैमरा ग्लास सीधे उस सतह के संपर्क में आ सकता है। टेबल या डेस्क पर मौजूद धूल और बारीक कण कैमरा ग्लास के साथ रगड़ पैदा कर सकते हैं। इससे समय के साथ छोटे-छोटे स्क्रैच आने की संभावना रहती है।
हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि कैमरा नीचे रखते ही फोन का लेंस तुरंत खराब हो जाएगा। नुकसान का खतरा मुख्य रूप से सतह की कठोरता, उस पर मौजूद धूल और कैमरा मॉड्यूल की बनावट पर निर्भर करता है। इसलिए फोन रखने की जगह और तरीका दोनों पर ध्यान देना जरूरी है।
फोन को स्क्रीन ऊपर करके रखना कैमरा मॉड्यूल की सुरक्षा के लिहाज से सामान्य तौर पर बेहतर विकल्प माना जा सकता है। इस स्थिति में कैमरा मॉड्यूल टेबल के सीधे संपर्क में नहीं आता। लेकिन इसका दूसरा पहलू भी है। स्क्रीन ऊपर रहने पर उस पर धूल, छोटे कण या कोई दूसरी चीज गिर सकती है। अगर स्क्रीन पर कोई कठोर वस्तु मौजूद हो और उसके ऊपर दबाव पड़ जाए तो डिस्प्ले पर खरोंच आने का खतरा बढ़ सकता है।
इसलिए सिर्फ फोन को स्क्रीन ऊपर या नीचे रखने का फैसला ही पर्याप्त नहीं है। जिस सतह पर फोन रखा जा रहा है, उसका साफ और अपेक्षाकृत मुलायम होना भी महत्वपूर्ण है। टेबल पर धूल या छोटे कण मौजूद हैं तो वे फोन की सतह के साथ रगड़ पैदा कर सकते हैं।
कुछ लोग फोन को स्क्रीन नीचे करके रखते हैं ताकि बार-बार नोटिफिकेशन देखने की आदत कम हो सके। इस तरीके से स्क्रीन सीधे ऊपर से दिखाई नहीं देती, लेकिन इसमें कैमरा मॉड्यूल की सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। अगर कैमरा मॉड्यूल सतह से सीधे संपर्क में आ रहा है तो कैमरा ग्लास पर खरोंच का जोखिम बढ़ सकता है।
अगर फोन को कुछ समय के लिए टेबल पर रखना है तो स्क्रीन ऊपर करके रखना एक आसान और सुरक्षित विकल्प हो सकता है। वहीं, अगर स्क्रीन नीचे करके फोन रखने की आदत है तो ऐसा केस इस्तेमाल किया जा सकता है जिसमें कैमरा मॉड्यूल के आसपास थोड़ा उठा हुआ किनारा हो। इससे कैमरा ग्लास और टेबल के बीच सीधा संपर्क कम हो सकता है।
कुल मिलाकर फोन की सुरक्षा के लिए साफ सतह, उचित केस और रखने के सही तरीके पर ध्यान देना जरूरी है। इससे कैमरा मॉड्यूल और स्क्रीन दोनों को अनावश्यक खरोंच से बचाने में मदद मिल सकती है।
