इंदौर में चल समारोह मिल क्षेत्र से शुरू होकर मजदूर मैदान एमजी रोड कृष्णपुरा नंदलालपुरा जवाहर मार्ग नृसिंह बाजार गोराकुंड खजूरी बाजार होते हुए राजवाड़ा तक पहुंचेगा। शाम 6 बजे खजराना गणेश की झांकी के साथ समारोह की शुरुआत होगी और देर रात तक झांकियां तथा अखाड़े निकलते रहेंगे। सुरक्षा को देखते हुए झांकियों में धारदार हथियार और नशे पर रोक रहेगी। डीजे के इस्तेमाल को भी नियंत्रित किया गया है। झांकी पर अधिकतम दो स्पीकर लगाने की अनुमति होगी। हाथी और ऊंट को भी समारोह में शामिल करने पर रोक रहेगी। दोपहर 3 बजे से झांकी मार्ग और आसपास के इलाकों में यातायात डायवर्ट किया जाएगा।
इंदौर में इस बार कई धार्मिक और सामाजिक संदेश देने वाली झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। देशी मिल की झांकियों में दुर्गा माता और महिषासुर वध के साथ भगवान शंकर और माता सती से जुड़ा प्रसंग दिखाया जाएगा। एक झांकी में नशामुक्ति का संदेश भी दिया जाएगा। कल्याण मिल की झांकी में भगवान जगन्नाथ की पहली रथ यात्रा का प्रसंग और दूसरी झांकी में नारी शक्ति को प्रमुखता दी जाएगी। होप टेक्सटाइल मिल की झांकियों में गणेशजी की आराधना और भगवान शिव की बारात को धार्मिक प्रसंगों के आधार पर प्रस्तुत किया जाएगा।
भोपाल में भी गणेश विसर्जन को लेकर व्यापक तैयारी की गई है। प्रेमपुरा रानी कमलापति बैरागढ़ खटलापुरा हथाईखेड़ा और शाहपुरा प्रमुख विसर्जन स्थलों में शामिल हैं। छोटी प्रतिमाओं के लिए वार्ड और जोन स्तर पर कृत्रिम कुंड बनाए गए हैं जबकि बड़ी प्रतिमाओं के लिए क्रेन की व्यवस्था की गई है। घाटों पर पुलिस गोताखोर फायर ब्रिगेड और सीसीटीवी के जरिए निगरानी की जाएगी। प्रमुख मार्गों पर यातायात डायवर्जन लागू रहेगा।
उज्जैन में चल समारोह रात 10 बजे से शुरू होगा। इसके बाद प्रतिमाओं को रामघाट और सुनहरी घाट समेत निर्धारित स्थानों तक ले जाया जाएगा। शाम से ही कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेगा। ग्वालियर में सागरताल पर बनाए गए अस्थायी कुंड में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जाएगा। पुलिस प्रशासन के साथ नगर निगम की टीम मौजूद रहेगी और ड्रोन से निगरानी की जाएगी।
जबलपुर में भी विसर्जन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। बड़ी प्रतिमाओं के लिए नर्मदा जल से भरा कृत्रिम कुंड बनाया गया है जहां क्रेन की मदद से विसर्जन कराया जाएगा। गौरीघाट तिलवारा घाट अधारताल खमरिया रांझी और गोकलपुर समेत कई स्थानों पर व्यवस्थाएं की गई हैं। तीन पत्ती चौक से गौरीघाट जाने वाले मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहेगा और जरूरत के अनुसार यातायात डायवर्ट किया जाएगा।
अनंत चतुर्दशी पर प्रदेशभर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। प्रमुख घाटों और चल समारोह वाले मार्गों पर पुलिस बल के साथ फायर ब्रिगेड गोताखोर और अन्य आपात सेवाओं की तैनाती रहेगी। कई स्थानों पर ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी। प्रशासन का फोकस भीड़ नियंत्रण सुरक्षित विसर्जन और यातायात व्यवस्था बनाए रखने पर रहेगा।
