राज्य सरकार का मानना है कि आज की पीढ़ी केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उसे ऐसा मंच चाहिए जहां विचारों को व्यवसाय में बदलने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग और बाजार तक पहुंच की सुविधा एक ही स्थान पर मिल सके। इसी सोच के साथ ‘यूथ अड्डा’ को एक समग्र उद्यमिता मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां बिजनेस आइडिया से लेकर वित्तीय सहयोग और व्यवसाय विस्तार तक की पूरी प्रक्रिया में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इस पहल का मुख्य फोकस विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, पॉलीटेक्निक संस्थानों और आईटीआई में पढ़ने वाले विद्यार्थियों पर रखा गया है। सरकार चाहती है कि छात्र अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहें, बल्कि अपनी क्षमता और नवाचार के आधार पर नए उद्यम स्थापित करने की दिशा में भी आगे बढ़ें। इसके लिए उन्हें प्रारंभिक स्तर से ही व्यवसाय योजना तैयार करने, बाजार की जरूरतों को समझने और उद्यम संचालन की जानकारी दी जाएगी।
डिजिटल अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस मंच पर आधुनिक तकनीकों से जुड़े प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया है। युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन तकनीक, इलेक्ट्रिक व्हीकल, डिजिटल कॉमर्स, ई-कॉमर्स और अन्य उभरती तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के युवा वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप अपने कौशल को विकसित कर सकें और भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के लिए तैयार रहें।
‘यूथ अड्डा’ केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा। यहां युवाओं को व्यवसाय योजना तैयार करने, परियोजना रिपोर्ट बनाने, बैंक ऋण प्राप्त करने, उद्यम पंजीकरण, जीएसटी प्रक्रिया, डिजिटल ब्रांडिंग, ऑनलाइन मार्केटिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ने तक निरंतर सहयोग प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। साथ ही नए उद्यमियों के जोखिम को कम करने के लिए विभिन्न फ्रेंचाइजी मॉडल और अनुभवी विशेषज्ञों की मेंटरशिप भी उपलब्ध कराई जाएगी।
राज्य सरकार इस पहल को केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रखना चाहती। लक्ष्य है कि ‘यूथ अड्डा’ की सुविधाएं प्रदेश के सभी 75 जिलों तक पहुंचें, ताकि ग्रामीण और छोटे शहरों के युवाओं को भी समान अवसर मिल सकें। महिला स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय उत्पादों और सूक्ष्म उद्योगों को भी इस पहल से जोड़कर उन्हें पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन संबंधी सहयोग उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सके।
इस मंच पर वर्षभर विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने की भी योजना है। बैंकर्स मीट, स्टार्टअप क्लिनिक, टेक्नोलॉजी वर्कशॉप, बिजनेस आइडिएशन कार्यक्रम, फाउंडर्स टॉक और उद्योग विशेषज्ञों के संवाद जैसे आयोजन युवाओं को व्यावहारिक अनुभव और नेटवर्किंग का अवसर देंगे। सरकार ने वर्ष 2027 तक लाखों युवाओं को इस पहल से जोड़ने, हजारों नए उद्यम स्थापित कराने और बड़े स्तर पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
सरकार का मानना है कि यदि युवा रोजगार मांगने की बजाय रोजगार उपलब्ध कराने वाले बनते हैं, तो इससे प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। साथ ही सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को भी मजबूती मिलेगी और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। इसी उद्देश्य से विभिन्न विभागों, वित्तीय संस्थानों और उद्योग विशेषज्ञों के सहयोग से ‘यूथ अड्डा’ को एक दीर्घकालिक उद्यमिता इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जा रहा है।
