नो कार डे के मौके पर अधिकारियों की यह पहल शहर में पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण कम करने के संदेश से जुड़ी रही। अधिकारियों ने ई-व्हीकल के जरिए लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में पर्यावरण के अनुकूल परिवहन साधनों को अपनाने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया।
इंदौर में आयोजित इस पहल के दौरान जिला कलेक्टर शिवम वर्मा और अपर कलेक्टर नवजीवन पवार ने खुद ई-व्हीकल का इस्तेमाल किया। दोनों अधिकारियों के सड़क पर इलेक्ट्रिक वाहन से सफर करने का वीडियो सामने आने के बाद यह चर्चा का विषय बन गया।
नो कार डे का उद्देश्य निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने और लोगों को वैकल्पिक परिवहन साधनों के प्रति जागरूक करना है। इस दौरान सार्वजनिक परिवहन, साइकिल और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे विकल्पों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाता है।
अधिकारियों की ओर से ई-व्हीकल का इस्तेमाल इसी संदेश को आगे बढ़ाने की पहल के तौर पर देखा गया। इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने से पारंपरिक ईंधन से चलने वाले वाहनों की तुलना में प्रदूषण कम करने में मदद मिल सकती है।
इंदौर में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन को लेकर समय-समय पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाती रही हैं। नो कार डे के दौरान लोगों से निजी कारों का इस्तेमाल कम करने और जरूरत के अनुसार वैकल्पिक परिवहन साधनों का उपयोग करने की अपील की गई।
कलेक्टर और अपर कलेक्टर के ई-व्हीकल से फील्ड में पहुंचने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों का ध्यान इस पहल की ओर गया। अधिकारियों ने स्वयं इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल कर ग्रीन ट्रांसपोर्ट को लेकर जागरूकता का संदेश दिया।
नो कार डे जैसी पहल का फोकस शहर में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण के प्रति लोगों की जिम्मेदारी बढ़ाने पर रहता है। इसके साथ ही ऐसे प्रयासों के जरिए नागरिकों को परिवहन के अधिक टिकाऊ विकल्पों के बारे में जानकारी देने की कोशिश की जाती है।
इंदौर में अधिकारियों की यह पहल लोगों को अपने दैनिक आवागमन के विकल्पों पर विचार करने का संदेश देती है। ई-व्हीकल का इस्तेमाल कर अधिकारियों ने पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की जरूरत को रेखांकित किया।
