बालों को मजबूत बनाए रखने के लिए सबसे पहले संतुलित आहार पर ध्यान देना चाहिए। शरीर को पर्याप्त प्रोटीन आयरन जिंक विटामिन और दूसरे जरूरी पोषक तत्व मिलना बालों के सामान्य विकास के लिए महत्वपूर्ण है। भोजन में दालें अंडे दूध दही हरी सब्जियां फल मेवे और बीज जैसे पौष्टिक विकल्प शामिल किए जा सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति के भोजन में पोषक तत्वों की कमी है तो इसका असर बालों पर भी पड़ सकता है। हालांकि बिना जांच के आयरन या किसी अन्य सप्लीमेंट का सेवन शुरू करना उचित नहीं है।
बालों की सफाई भी जरूरी है लेकिन उन्हें बहुत ज्यादा रगड़कर धोने से बचना चाहिए। अपनी स्कैल्प और बालों के प्रकार के अनुसार हल्के शैंपू का इस्तेमाल किया जा सकता है। शैंपू लगाते समय नाखूनों से जोर से सिर की त्वचा खरोंचने के बजाय उंगलियों के पोरों से धीरे धीरे सफाई करना बेहतर है। बाल धोने के बाद उन्हें जोर से रगड़कर सुखाने के बजाय मुलायम तौलिये से हल्के हाथों से पानी सोखना चाहिए। गीले बाल अपेक्षाकृत नाजुक होते हैं इसलिए उन्हें जोर से कंघी करने से टूटने का खतरा बढ़ सकता है।
बालों की सफाई भी जरूरी है लेकिन उन्हें बहुत ज्यादा रगड़कर धोने से बचना चाहिए। अपनी स्कैल्प और बालों के प्रकार के अनुसार हल्के शैंपू का इस्तेमाल किया जा सकता है। शैंपू लगाते समय नाखूनों से जोर से सिर की त्वचा खरोंचने के बजाय उंगलियों के पोरों से धीरे धीरे सफाई करना बेहतर है। बाल धोने के बाद उन्हें जोर से रगड़कर सुखाने के बजाय मुलायम तौलिये से हल्के हाथों से पानी सोखना चाहिए। गीले बाल अपेक्षाकृत नाजुक होते हैं इसलिए उन्हें जोर से कंघी करने से टूटने का खतरा बढ़ सकता है।
हेयर स्टाइलिंग की आदतों पर भी ध्यान देना जरूरी है। लगातार बहुत टाइट पोनीटेल जूड़ा या ऐसी हेयर स्टाइल जिसमें बालों की जड़ों पर खिंचाव पड़ता है बालों को कमजोर कर सकती है। बार बार हेयर स्ट्रेटनिंग कर्लिंग और अत्यधिक गर्म उपकरणों का इस्तेमाल भी बालों की बाहरी परत को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए हीट स्टाइलिंग कम करना और जरूरत पड़ने पर हीट प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। बालों को बार बार केमिकल ट्रीटमेंट देने से भी बचना चाहिए।
तनाव और नींद की कमी को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लंबे समय तक तनाव शरीर पर कई तरह से असर डाल सकता है और कुछ लोगों में इसके बाद बाल झड़ने की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए नियमित नींद हल्की शारीरिक गतिविधि योग या ध्यान जैसी स्वस्थ आदतों को दिनचर्या में शामिल करना उपयोगी हो सकता है। पर्याप्त पानी पीना भी शरीर और त्वचा की सामान्य सेहत के लिए जरूरी है।
अगर बाल अचानक बहुत ज्यादा झड़ने लगें या लंबे समय तक समस्या बनी रहे तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। थायरॉयड संबंधी समस्या आयरन की कमी हार्मोनल बदलाव कुछ दवाएं आनुवंशिक कारण या स्कैल्प से जुड़ी समस्याएं भी बाल झड़ने की वजह हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना और जरूरत पड़ने पर जांच कराना बेहतर रहता है। कारण पता चलने के बाद ही सही उपचार तय किया जा सकता है।
कुल मिलाकर बालों को झड़ने से रोकने के लिए किसी एक घरेलू उपाय या तेल को चमत्कारी समाधान मानना सही नहीं है। पौष्टिक भोजन नियमित नींद तनाव को नियंत्रित रखना स्कैल्प की उचित सफाई और बालों के साथ कम से कम खिंचाव वाला व्यवहार लंबे समय में बेहतर हेयर केयर रूटीन बनाने में मदद कर सकता है। अगर बालों के झड़ने की समस्या लगातार बढ़ रही है तो समय पर विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे समझदारी भरा कदम है।
