अगर कोई व्यक्ति दूध कम पीता है या कैल्शियम के लिए दूसरे विकल्प तलाश रहा है, तो पौधों से मिलने वाले कई खाद्य पदार्थ उपयोगी हो सकते हैं। हालांकि, केवल कैल्शियम का सेवन ही पर्याप्त नहीं माना जाता। शरीर में कैल्शियम के बेहतर इस्तेमाल के लिए विटामिन डी, पर्याप्त प्रोटीन, संतुलित खानपान और नियमित शारीरिक गतिविधि भी महत्वपूर्ण हैं।
रागी कैल्शियम से भरपूर अनाजों में शामिल है। इसमें कैल्शियम के साथ प्रोटीन और फाइबर भी पाया जाता है। इसे रोटी, दलिया या रागी डोसा के रूप में भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। रागी के 100 ग्राम आटे में लगभग 344 मिलीग्राम कैल्शियम हो सकता है। इसकी मात्रा भोजन की तैयारी और इस्तेमाल किए गए उत्पाद के अनुसार अलग हो सकती है।
तिल भी कैल्शियम का अच्छा स्रोत माना जाता है। सफेद और काले दोनों तरह के तिल भोजन में शामिल किए जा सकते हैं। इनका इस्तेमाल तिल की चटनी, सब्जी या सलाद में किया जा सकता है। तिल से लड्डू भी बनाए जाते हैं, लेकिन इन्हें सीमित मात्रा में लेना बेहतर है। तिल में कैल्शियम की मात्रा अच्छी होती है, फिर भी रोजाना सेवन की मात्रा सामान्यतः कम रहती है, इसलिए इसे पूरी डाइट का एक हिस्सा माना जाना चाहिए।
टोफू उन लोगों के लिए उपयोगी विकल्प हो सकता है जो दूध से बने खाद्य पदार्थों के अलावा कैल्शियम का स्रोत तलाशते हैं। कैल्शियम-सेट टोफू में प्रोटीन के साथ कैल्शियम भी मिलता है। हालांकि, सभी टोफू उत्पादों में कैल्शियम की मात्रा समान नहीं होती। इसलिए टोफू खरीदते समय उसके पैकेट पर दी गई पोषण संबंधी जानकारी देखना जरूरी है।
हरी पत्तेदार सब्जियों में भी कैल्शियम पाया जाता है। सहजन के पत्ते, चौलाई और दूसरी हरी पत्तेदार सब्जियों को दाल, सब्जी या साग के रूप में भोजन में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, पालक में मौजूद ऑक्सलेट कैल्शियम के अवशोषण को प्रभावित कर सकता है। इसलिए केवल पालक पर कैल्शियम की जरूरत पूरी करने के लिए निर्भर रहना उचित नहीं है।
बादाम भी कैल्शियम देने वाले खाद्य पदार्थों में शामिल हैं। इनमें मैग्नीशियम, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स भी पाए जाते हैं। थोड़ी मात्रा में बादाम को नाश्ते या स्नैक के रूप में लिया जा सकता है। हालांकि, बादाम में कैल्शियम की मात्रा तिल या कैल्शियम-सेट टोफू से अलग होती है, इसलिए इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाना चाहिए।
उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की मजबूती बनाए रखना विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है। कैल्शियम हड्डियों और दांतों के साथ मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज में भी भूमिका निभाता है। इसलिए डाइट में कैल्शियम वाले अलग-अलग खाद्य पदार्थों को शामिल करना उपयोगी हो सकता है। इसके साथ पर्याप्त विटामिन डी, प्रोटीन और वजन सहने वाली नियमित शारीरिक गतिविधियों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
