मुकुंदन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उनके अनुसार, औपचारिकीकरण, समावेशन और डिजिटलाइजेशन प्रधानमंत्री के कार्यकाल की उपलब्धियों के तीन प्रमुख स्तंभ रहे हैं। उन्होंने इन तीनों क्षेत्रों में उठाए गए कदमों को अर्थव्यवस्था में बदलाव से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।
अर्थव्यवस्था के औपचारिकीकरण की चर्चा करते हुए मुकुंदन ने वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी के क्रियान्वयन को महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके अनुसार, जीएसटी ने अर्थव्यवस्था के औपचारिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने इसे आर्थिक व्यवस्था में बदलाव लाने वाले प्रमुख कदमों में शामिल किया।
वित्तीय समावेशन के संदर्भ में उन्होंने जन धन-आधार-मोबाइल यानी जेएएम ढांचे का उल्लेख किया। मुकुंदन के मुताबिक, जेएएम ढांचा वित्तीय समावेशन का एक प्रमुख माध्यम रहा है। इसके जरिए वित्तीय व्यवस्था से जुड़ाव बढ़ाने की दिशा में काम हुआ है।
डिजिटलाइजेशन के क्षेत्र में मुकुंदन ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने यूपीआई को भारत के डिजिटलाइजेशन अभियान का एक अहम हिस्सा बताया और इसे डिजिटल आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर देखा।
मुकुंदन ने आगे कहा कि अब देश में ध्यान केवल कारोबार करने में आसानी तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनके अनुसार, फोकस आम नागरिक के लिए जीवन जीने में आसानी, जीवन-यापन की लागत और जीवन की गति को बेहतर बनाने पर होना चाहिए। उन्होंने इसे भविष्य के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के रूप में सामने रखा।
उन्होंने कहा कि अब ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से आगे बढ़कर ‘ईज ऑफ लिविंग’, ‘कॉस्ट ऑफ लिविंग’ और ‘स्पीड ऑफ लिविंग’ पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, आर्थिक विकास का असर आम नागरिक के जीवन में भी दिखाई देना चाहिए और नीतिगत प्राथमिकताओं में लोगों के दैनिक जीवन से जुड़े पहलुओं को महत्व मिलना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए मुकुंदन ने कहा कि उन्हें देश और उसके लोगों के लिए ऊंची आकांक्षाएं तय करना जारी रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक नेता के रूप में प्रधानमंत्री को पूरे देश और समाज से ऊंची आकांक्षाएं रखने की जरूरत है।
मुकुंदन के अनुसार, ऐसी आकांक्षाएं भारत को अपने लक्ष्यों को पूरा करने में मदद कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि देश में विकास के लिए सकारात्मक माहौल तैयार हो रहा है। ऐसे समय में ऊंचे लक्ष्य तय करना और उन्हें हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ना महत्वपूर्ण है।
मुकुंदन ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व और आर्थिक बदलावों का उल्लेख करते हुए औपचारिकीकरण, वित्तीय समावेशन और डिजिटलाइजेशन को भारतीय अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण पहलुओं के रूप में रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने भविष्य की प्राथमिकताओं में आम नागरिक के जीवन से जुड़े मुद्दों को केंद्र में रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
