ट्रंप से बातचीत को बताया अहम
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्रंप के साथ हुई बातचीत की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने यह भी बताया कि बातचीत के दौरान न्यूयॉर्क में आमने-सामने मुलाकात करने पर सहमति बनी है।
जेलेंस्की ने कहा कि मौजूदा समय में कूटनीतिक स्तर पर गतिविधियां तेज हैं और दोनों पक्ष शांति से जुड़े मुद्दों पर आगे बढ़ने के रास्ते तलाश रहे हैं।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के कीव दौरे का किया जिक्र
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने हाल ही में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के कीव दौरे का भी उल्लेख किया। उन्होंने ट्रंप को इसके लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की कीव यात्रा से अमेरिकी पक्ष को यूक्रेन के जमीनी हालात को करीब से देखने और समझने का अवसर मिला।
जेलेंस्की के अनुसार, इस दौरान सुरक्षा और शांति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उनका कहना है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए यूक्रेनी और अमेरिकी टीमें मिलकर काम कर रही हैं।
शांति का रास्ता तलाशना यूक्रेन की पहली प्राथमिकता
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के लिए शांति का रास्ता तलाशना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि तनाव कम करने और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए कई प्रस्तावों पर काम किया जा रहा है।
इनमें ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और लोगों की जान की सुरक्षा को प्रमुख मुद्दों में शामिल किया गया है। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की टीम अमेरिकी टीम के साथ मिलकर काम कर रही है और देश इस दिशा में कड़े कदम उठाने के लिए तैयार है।
लिंडसे ग्राहम विधेयक को कानून बनाने पर ट्रंप को धन्यवाद
बातचीत के दौरान जेलेंस्की ने लिंडसे ग्राहम विधेयक को कानून का रूप देने के लिए भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सभी पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि शांति स्थापित की जानी चाहिए।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने रूस-यूक्रेन संकट के दौरान यूक्रेन का समर्थन करने वाले वैश्विक सहयोगियों और मदद के लिए आगे आने वाले लोगों को भी धन्यवाद दिया।
अब इस बातचीत के बाद दोनों नेताओं की न्यूयॉर्क में होने वाली मुलाकात पर नजर है। जेलेंस्की ने जिस तरह इस बैठक को ‘बहुत कुछ बदलने’ वाली मुलाकात बताया है, उससे शांति प्रयासों को लेकर इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, बैठक के बाद क्या ठोस कदम सामने आते हैं, यह आगे की बातचीत पर निर्भर करेगा।
