बताया जा रहा है कि फुटेरा वार्ड नंबर 15 में रविवार रात किसी अज्ञात व्यक्ति या समूह ने श्रीराधा-कृष्ण की प्रतिमा रखी। रात में प्रतिमा स्थापित किए जाने के बाद सुबह जब लोगों ने इसे देखा तो आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी गई। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। श्रद्धालुओं ने प्रतिमा के सामने पूजा की और दर्शन किए। अचानक सार्वजनिक स्थान पर प्रतिमा नजर आने से यह मामला स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
इस पूरे घटनाक्रम की खास बात यह है कि प्रतिमा किसने स्थापित की है इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्रतिमा स्थापित करने से पहले संबंधित प्रशासन से किसी तरह की अनुमति ली गई थी या नहीं। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल इस संबंध में स्थिति साफ नहीं है। ऐसे में अब लोगों की नजर पुलिस और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर है।
पिछोर विधानसभा क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर रातोंरात प्रतिमाएं स्थापित किए जाने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। इससे पहले अलग-अलग स्थानों पर महापुरुषों सहित अन्य लोगों की प्रतिमाएं लगाए जाने को लेकर विवाद की स्थिति बन चुकी है। कुछ मामलों में विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं और कई जगह चक्काजाम जैसी स्थिति तक सामने आई है। पुलिस ने पूर्व के कुछ मामलों में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई भी की थी। इसके बावजूद इस तरह रातोंरात प्रतिमाएं स्थापित किए जाने की घटनाएं पूरी तरह थमती नजर नहीं आ रही हैं।
फुटेरा में राधा-कृष्ण की प्रतिमा स्थापित होने के बाद फिलहाल स्थानीय लोगों में धार्मिक उत्साह नजर आ रहा है। सुबह से ही लोग प्रतिमा के दर्शन के लिए पहुंचते रहे और पूजा-अर्चना करते दिखाई दिए। राधा-कृष्ण की प्रतिमा सामने आने के बाद आसपास के लोगों के बीच इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर प्रतिमा की स्थापना से जुड़े तथ्य अभी स्पष्ट होना बाकी हैं।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सार्वजनिक स्थान पर किसी प्रतिमा की स्थापना के बाद उसके आसपास धार्मिक गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। ऐसे में प्रशासन के लिए यह जानना जरूरी होगा कि प्रतिमा कब किसने और किन परिस्थितियों में स्थापित की। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि संबंधित स्थान पर प्रतिमा लगाने के लिए कोई अनुमति ली गई थी या नहीं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से इस मामले में आगे क्या कदम उठाया जाता है इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
फुटेरा में सुबह अचानक राधा-कृष्ण की प्रतिमा मिलने से जहां श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया वहीं रातोंरात प्रतिमा स्थापित किए जाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल भी खड़े हुए हैं। अब पूरे मामले की तस्वीर प्रशासनिक जांच और पुलिस की कार्रवाई के बाद ही साफ हो सकेगी।
