चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हाल ही में एक प्रौद्योगिकी पार्क का दौरा किया, जहां रोबोटिक्स और एआई से जुड़ी कई परियोजनाओं को प्रदर्शित किया गया। इस दौरान उन्होंने रोबोटिक तकनीक के इस्तेमाल को देखा और कहा कि उन्नत रोबोटिक्स तथा उच्चस्तरीय विनिर्माण चीन की अगली आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। चीन की सरकार एआई को केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित रखने के बजाय विभिन्न औद्योगिक और सामाजिक क्षेत्रों में इस्तेमाल करने की दिशा में काम कर रही है।
जिस प्रौद्योगिकी पार्क का दौरा किया गया, वहां सैकड़ों कंपनियां अत्याधुनिक चिप्स और एआई मॉडल विकसित करने में लगी हैं। स्थानीय प्रशासन इन कंपनियों को बड़े स्तर पर कंप्यूटिंग संसाधन उपलब्ध करा रहा है। इसका उद्देश्य एआई अनुसंधान और नई तकनीकों के विकास की गति को बढ़ाना है।
चीन में एआई से जुड़े अनुसंधान का दायरा भी लगातार विस्तृत किया जा रहा है। तकनीकी प्रदर्शनों में ऐसे चिप्स और उपकरण शामिल हैं जिनका इस्तेमाल अत्याधुनिक प्रणालियों में किया जा सकता है। इसके अलावा लकवाग्रस्त मरीजों को संवाद करने में मदद करने वाली ब्रेन-इम्प्लांट तकनीक जैसे प्रयोग भी सामने आए हैं। इससे संकेत मिलता है कि चीन एआई और रोबोटिक्स को औद्योगिक उपयोग के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में भी आगे बढ़ाना चाहता है।
इस अभियान में सरकारी पूंजी की भूमिका काफी बड़ी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2000 से 2023 के बीच सरकार के नेतृत्व वाले फंडों ने एआई कंपनियों में 184 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया। इसके अलावा पिछले साल सरकार और सरकारी बैंकों की ओर से एआई क्षेत्र में सैकड़ों अरब डॉलर के अतिरिक्त निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई थी। हालांकि निजी क्षेत्र से चीन में होने वाला एआई निवेश अभी अमेरिका की तुलना में कम बताया गया है।
चीन की बढ़ती बुजुर्ग आबादी भी रोबोटिक्स के विकास की एक बड़ी वजह है। देश में ऐसे बुद्धिमान रोबोट तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है जो भविष्य में कामगारों की कमी को पूरा करने में मदद कर सकें। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी एआई आधारित डिजिटल तकनीक के जरिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाओं को अधिक लोगों तक पहुंचाने की संभावनाओं पर काम हो रहा है।
सरकार का लक्ष्य 2030 तक एआई टूल्स और एआई एजेंट्स की पहुंच चीनी समाज के 90 प्रतिशत हिस्से तक बढ़ाने का है। हालांकि इस लक्ष्य को किस तरह मापा जाएगा, इसकी स्पष्ट रूपरेखा सामने नहीं आई है।
एआई के विस्तार के साथ चीन के सामने कुछ जोखिम भी हैं। उन्नत चैटबॉट और सूचना आधारित तकनीक सरकारी सूचना नियंत्रण की व्यवस्था के लिए नई चुनौतियां पैदा कर सकती हैं। वहीं अत्याधुनिक विदेशी एआई मॉडल साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भी जोखिम बढ़ा सकते हैं। इसके बावजूद चीन सरकार एआई, रोबोटिक्स और उन्नत तकनीक में निवेश तथा अनुसंधान को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।
