विशेषज्ञों के अनुसार आज के अधिकांश स्मार्टफोन में लिथियम आयन बैटरी का उपयोग किया जाता है। इस प्रकार की बैटरी में एक प्राकृतिक प्रक्रिया होती है जिसे सेल्फ डिस्चार्ज कहा जाता है। इसका अर्थ यह है कि बैटरी बिना किसी उपयोग के भी धीरे धीरे अपनी ऊर्जा खोती रहती है। सामान्य परिस्थितियों में बंद पड़े फोन की बैटरी हर महीने लगभग एक से दो प्रतिशत तक कम हो सकती है। यदि फोन अधिक गर्म वातावरण में रखा गया हो तो यह प्रक्रिया और तेज हो सकती है।
फोन पूरी तरह बंद होने के बाद भी उसके भीतर कुछ आवश्यक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट सक्रिय रहते हैं। इनमें पावर मैनेजमेंट सर्किट और वेक सर्किट शामिल होते हैं जो पावर बटन दबाते ही फोन को दोबारा चालू करने में मदद करते हैं। इसके अलावा कुछ सिस्टम समय और तारीख जैसी मूलभूत जानकारी को सुरक्षित रखने का काम भी करते हैं। यह सर्किट बहुत कम बिजली खर्च करते हैं लेकिन लंबे समय तक फोन बंद रहने पर इनका असर बैटरी प्रतिशत में दिखाई देने लगता है।
यदि फोन बंद करने के बजाय केवल ऑन छोड़ दिया जाए तो बैटरी कहीं अधिक तेजी से खत्म होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि उस समय बैकग्राउंड में कई ऐप्स चलते रहते हैं। मोबाइल नेटवर्क और वाई फाई लगातार सक्रिय रहते हैं। नोटिफिकेशन सिस्टम काम करता रहता है और ऑपरेटिंग सिस्टम भी कई जरूरी प्रक्रियाएं लगातार चलाता रहता है। यही वजह है कि बिना इस्तेमाल किए भी ऑन रखा फोन कुछ दिनों में काफी बैटरी खो देता है जबकि बंद फोन की बैटरी अपेक्षाकृत धीमी गति से डिस्चार्ज होती है।
यदि आप लंबे समय तक किसी पुराने स्मार्टफोन का उपयोग नहीं करने वाले हैं तो उसे सही तरीके से स्टोर करना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों की सलाह है कि फोन को न तो पूरी तरह चार्ज करके रखें और न ही पूरी तरह खाली बैटरी के साथ छोड़ें। बैटरी का स्तर लगभग पचास प्रतिशत रखना सबसे सुरक्षित माना जाता है। इसके अलावा हर पांच या छह महीने में फोन निकालकर दोबारा लगभग पचास प्रतिशत तक चार्ज कर देना चाहिए ताकि बैटरी की सेहत बनी रहे।
फोन को पूरी तरह डिस्चार्ज अवस्था में लंबे समय तक रखने से बैटरी डीप डिस्चार्ज की स्थिति में पहुंच सकती है। ऐसी स्थिति में बैटरी की क्षमता स्थायी रूप से कम हो सकती है। कई बार बैटरी पहले की तुलना में कम बैकअप देने लगती है और गंभीर मामलों में फोन के हार्डवेयर पर भी इसका असर पड़ सकता है। इसलिए यदि आप चाहते हैं कि आपका स्मार्टफोन लंबे समय तक अच्छी स्थिति में रहे तो बैटरी की सही देखभाल करना उतना ही जरूरी है जितना फोन का नियमित उपयोग।
