फिलहाल मेटा ने म्यूज को अमेरिका में लॉन्च किया है। भारत में इसकी शुरुआत अभी नहीं हुई है। भारतीय यूजर्स को इस सेवा के लिए फिलहाल इंतजार करना पड़ सकता है। भारत में म्यूज को लॉन्च करने की कोई तारीख भी अभी साझा नहीं की गई है।
म्यूज एक पर्सनल AI एजेंट है, इसलिए इसका काम सामान्य चैटबॉट से अलग है। आम AI चैटबॉट किसी सवाल या निर्देश का जवाब दे सकता है, लेकिन किसी काम को खुद कई चरणों में पूरा करना उसके लिए आसान नहीं होता। इसके विपरीत म्यूज को ऐसे डिजिटल कार्यों को ऑटोमेट करने के लिए तैयार किया गया है, जिनमें यूजर को कई अलग-अलग चरण पूरे करने पड़ते हैं। यूजर को केवल अपना काम बताना होता है और एजेंट उसे पूरा करने की प्रक्रिया में आगे बढ़ता है।
म्यूज की मदद से फॉर्म भरने, वेबसाइट पर ब्राउजिंग करने, किसी वस्तु को खरीदने, इमेज तैयार करने और डॉक्यूमेंट बनाने जैसे काम भी किए जा सकते हैं। इससे यूजर को कई छोटे-छोटे काम खुद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एजेंट सुरक्षित वर्चुअल मशीन पर चलता है, जिसमें एजेंट और यूजर से जुड़ा डेटा सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है।
AI चैटबॉट और AI एजेंट के बीच अंतर को फ्लाइट बुकिंग के उदाहरण से समझा जा सकता है। यदि कोई यूजर पूछता है कि दिल्ली से न्यूयॉर्क की सबसे सस्ती फ्लाइट कौन-सी है, तो सामान्य चैटबॉट उपलब्ध विकल्पों और कीमतों की जानकारी दे सकता है। इसके बाद फ्लाइट चुनने और बुक करने का काम यूजर को खुद करना पड़ सकता है।
AI एजेंट इससे आगे जाकर यूजर की ओर से काम करने में सक्षम होता है। यदि यूजर कहता है कि उसके लिए न्यूयॉर्क की फ्लाइट बुक करनी है, तो एजेंट विकल्प तलाश सकता है, संबंधित वेबसाइट खोल सकता है, जरूरी फॉर्म भर सकता है और बुकिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकता है। संवेदनशील काम होने पर वह यूजर से मंजूरी भी ले सकता है।
म्यूज को भी इसी तरह के डिजिटल कार्यों के लिए बनाया गया है। यह ईमेल भेजने, यात्रा से जुड़ी बुकिंग करने, ऑनलाइन खरीदारी और फॉर्म भरने जैसे काम कर सकता है। म्यूज के जरिए मेटा ने AI को केवल जानकारी देने वाले टूल से आगे बढ़ाकर यूजर की ओर से कई काम करने वाले डिजिटल सहायक के रूप में पेश किया है।
