रोशिबिना फाइनल में गोल्ड से जरूर चूक गईं लेकिन उनका एशियन गेम्स में पदक जीतने का सिलसिला लगातार तीसरी बार जारी रहा। वह 2018 के जकार्ता-पालेमबांग एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं। इसके बाद 2023 के हांगझोऊ एशियन गेम्स में उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। अब 2026 में भी सिल्वर जीतकर उन्होंने एशियन गेम्स में लगातार तीन संस्करणों में पदक जीतने की उपलब्धि हासिल कर ली है।
रोशिबिना देवी एशियन गेम्स में वुशू के लगातार तीन पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। उनके लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि तीनों पदक महिला 60 किलोग्राम सांडा वर्ग में ही आए हैं। 2018 में ब्रॉन्ज के बाद 2023 और 2026 में सिल्वर जीतकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी निरंतरता दिखाई है।
इस बार फाइनल मुकाबले में चीन की झांग शियाओयू ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। पहले राउंड में झांग ने 5-0 से जीत दर्ज की और दूसरे राउंड में भी यही स्कोर दोहराया। इस तरह मुकाबला 10-0 के स्कोर पर समाप्त हुआ। रोशिबिना को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के क्वासिफाई गांव से आने वाली रोशिबिना देवी किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। वह इम्फाल स्थित SAI NCOE में प्रशिक्षण लेती हैं। महिला 60 किलोग्राम सांडा वर्ग में वह कोच मैबाम प्रेमकुमार सिंह की निगरानी में तैयारी करती हैं। शुरुआती दौर से ही वुशू में उनकी रुचि रही और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उन्होंने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया।
रोशिबिना ने 2019 साउथ एशियन गेम्स में सांडा 60 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीता था। इसके अलावा 2017 एशियन जूनियर वुशू चैंपियनशिप में भी उन्होंने गोल्ड हासिल किया था। 2016 वर्ल्ड जूनियर वुशू चैंपियनशिप में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता। 2023 मॉस्को वुशू स्टार चैंपियनशिप में भी उनके नाम गोल्ड रहा।
उनकी उपलब्धियों को देखते हुए 2023 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसी वर्ष इंटरनेशनल वुशू फेडरेशन ने उन्हें Female Wushu Athlete of the Year Sanda का सम्मान भी दिया था। एशियन गेम्स 2026 का सिल्वर उनके पदकों की सूची में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है।
गोल्ड मेडल मुकाबले में 10-0 की हार के बावजूद रोशिबिना का एशियन गेम्स रिकॉर्ड खास बन गया है। 2018 से शुरू हुआ उनका पदक सफर 2023 और फिर 2026 में भी जारी रहा। लगातार तीन एशियन गेम्स में पदक जीतने वाली भारतीय महिला वुशू खिलाड़ी के तौर पर उन्होंने इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है।
