राफेल मार्केज की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब मेक्सिको को फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में इंग्लैंड के हाथों 3-2 से हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के बाद तत्कालीन मुख्य कोच जेवियर एगुइरे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि मार्केज की नियुक्ति कोई तात्कालिक फैसला नहीं बल्कि पहले से तैयार की गई दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। इसका उद्देश्य पिछले वर्षों में तैयार की गई टीम को आगे बढ़ाना और 2030 विश्व कप सहित अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए मजबूत आधार तैयार करना है।
राफेल मार्केज मेक्सिको फुटबॉल इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 148 मुकाबले खेलते हुए कई वर्षों तक टीम का नेतृत्व किया और अपनी मजबूत रक्षात्मक शैली तथा नेतृत्व क्षमता से अलग पहचान बनाई। खिलाड़ी के रूप में उन्होंने विश्व फुटबॉल में मेक्सिको का सम्मान बढ़ाया और अब वही अनुभव बतौर मुख्य कोच टीम के काम आएगा।
कोचिंग की बात करें तो जुलाई 2024 से वह जेवियर एगुइरे के सहयोगी के रूप में राष्ट्रीय टीम के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा थे। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों के साथ नजदीक से काम किया और टीम की रणनीतियों को समझा। अब पहली बार उन्हें पूरी टीम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि खिलाड़ी और सहायक कोच के रूप में उनके अनुभव का लाभ मेक्सिको को आने वाले वर्षों में मिल सकता है।
पूर्व कोच जेवियर एगुइरे का तीसरा कार्यकाल लगभग दो वर्षों तक चला और इस दौरान उन्होंने टीम को कई महत्वपूर्ण सफलताएं दिलाईं। उनके नेतृत्व में मेक्सिको ने 2025 में कॉनकाकाफ गोल्ड कप और नेशंस लीग का खिताब अपने नाम किया। उनके कार्यकाल में टीम ने कुल 50 मुकाबले खेले जिनमें 33 जीत दर्ज कीं जबकि 9 मैच ड्रॉ रहे और केवल 8 में हार मिली। इस प्रदर्शन को मेक्सिको फुटबॉल के हालिया वर्षों के सबसे सफल दौरों में माना जाता है।
मैक्सिकन फुटबॉल फेडरेशन ने एगुइरे के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने टीम को नई दिशा दी और ऐसी मजबूत नींव तैयार की जिस पर भविष्य की सफल टीम बनाई जा सकती है। स्वयं एगुइरे ने भी पद छोड़ते समय संकेत दिया था कि राफेल मार्केज इस जिम्मेदारी के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प हैं। उन्होंने कहा था कि टीम का भविष्य सुरक्षित हाथों में है और आने वाले चार वर्षों में मार्केज मेक्सिको फुटबॉल को नई पहचान दिलाने की क्षमता रखते हैं।
अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि महान खिलाड़ी के रूप में अपनी छाप छोड़ने वाले राफेल मार्केज क्या कोच के रूप में भी वही सफलता दोहरा पाते हैं। मेक्सिको के प्रशंसकों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में टीम 2030 विश्व कप तक दुनिया की मजबूत फुटबॉल टीमों में अपनी जगह और मजबूत करेगी।
