भारतीय जोड़ी ने मुकाबले की शुरुआत शानदार अंदाज में की और पहले ही एंड से अपना दबदबा कायम कर लिया। रूपा रानी टिर्की की सटीक गेंदबाजी और पिंकी सिंह की बेहतरीन रणनीति के दम पर भारत ने शुरुआती दो एंड में पांच अंक जुटाकर 5-0 की मजबूत बढ़त बना ली। दोनों खिलाड़ियों के तालमेल ने नामीबिया की टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा और ऐसा लग रहा था कि भारत आसानी से पहला सेट अपने नाम कर लेगा।
लेकिन तीसरे एंड से मुकाबले की तस्वीर बदलने लगी। नामीबिया ने धीरे-धीरे वापसी की और लगातार अंक बटोरते हुए भारतीय बढ़त को कम कर दिया। अमांडा स्टीनकम्प और डायना विल्जोएन ने शानदार खेल दिखाते हुए पहले स्कोर 5-4 किया और फिर पांचवें एंड में तीन अंक हासिल कर पहला सेट 7-5 से जीत लिया। भारतीय टीम शुरुआती बढ़त का फायदा बरकरार नहीं रख सकी और नामीबिया ने मैच में वापसी कर ली।
पहला सेट गंवाने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने दूसरे सेट में जबरदस्त जवाब दिया। रूपा और पिंकी ने आक्रामक खेल दिखाते हुए शुरुआत से ही मुकाबले पर नियंत्रण बना लिया। भारतीय जोड़ी ने लगातार अंक जुटाकर 7-0 की बढ़त बनाई और नामीबिया को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। पिंकी सिंह के शानदार शॉट्स और रूपा की सटीक गेंदों की बदौलत भारत ने दूसरा सेट 10-1 से अपने नाम कर मुकाबले को निर्णायक टाई-ब्रेक तक पहुंचा दिया।
टाई-ब्रेक में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। हर गेंद के साथ रोमांच बढ़ता गया और मुकाबला अंतिम क्षणों तक बराबरी का बना रहा। भारत को जीत के लिए आखिरी गेंद पर सटीक निशाना लगाने की जरूरत थी, लेकिन पिंकी सिंह की अंतिम कोशिश लक्ष्य से थोड़ा आगे निकल गई। इसका फायदा उठाते हुए नामीबिया ने टाई-ब्रेक 3-0 से जीत लिया और मुकाबला अपने नाम कर लिया।
हालांकि हार के बावजूद भारतीय टीम के लिए राहत की खबर भी आई। ग्रुप-बी के दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड को दक्षिण अफ्रीका के हाथों टाई-ब्रेक में हार का सामना करना पड़ा। इस परिणाम से भारत की नॉकआउट दौर में पहुंचने की उम्मीद बरकरार है। अब भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाला अंतिम ग्रुप मुकाबला दोनों टीमों के लिए निर्णायक साबित होगा। इस मुकाबले में जीत दर्ज करने वाली टीम अगले चरण में जगह बनाएगी।
अब भारतीय महिला लॉन बॉल्स टीम के सामने करो या मरो की चुनौती है। रूपा रानी टिर्की और पिंकी सिंह से उम्मीद होगी कि वे इस हार को पीछे छोड़ते हुए निर्णायक मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें और भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स के नॉकआउट चरण तक पहुंचाएं।
