दरअसल भारतीय क्रिकेटरों को आमतौर पर विदेशी दौरों पर बेहतर सुविधाओं वाले पांच सितारा होटलों में ठहराया जाता है। ऐसे में जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए जब पांच सितारा होटल उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई तो सवाल उठने लगे थे कि क्या बीसीसीआई अपने खिलाड़ियों के लिए अलग व्यवस्था करेगा। नागोया में शीर्ष श्रेणी के होटलों की उपलब्धता सीमित होने को इस पूरे मामले की बड़ी वजह बताया गया। आयोजकों के सामने बड़ी संख्या में खिलाड़ियों और अधिकारियों के ठहरने की चुनौती भी है।
शुरुआत में यह चर्चा भी थी कि अगर भारतीय टीम को निर्धारित होटल पसंद नहीं आया तो खिलाड़ियों के लिए टोक्यो या ओसाका जैसे शहरों में वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है। लेकिन यह विकल्प व्यावहारिक नहीं माना गया क्योंकि मैच और अभ्यास स्थल से लंबी दूरी खिलाड़ियों के लिए परेशानी पैदा कर सकती थी। ऐसे में बीसीसीआई ने आयोजकों के साथ समन्वय करते हुए उसी व्यवस्था को स्वीकार करने का फैसला किया जो एशियन गेम्स के लिए तैयार की गई है।
बीसीसीआई की सबसे बड़ी चिंता सिर्फ होटल की स्टार रेटिंग नहीं बल्कि खिलाड़ियों की सुविधा और गोपनीयता को लेकर थी। रिपोर्टों के अनुसार खिलाड़ियों को अलग अलग कमरे उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। यानी पांच सितारा होटल नहीं होने के बावजूद टीम के खिलाड़ियों को अलग कमरे मिलेंगे ताकि आराम और तैयारी में किसी तरह की परेशानी न हो। बीसीसीआई ने होटल की तस्वीरों और वीडियो के जरिए भी व्यवस्थाओं की जानकारी ली थी।
होटल के अलावा बीसीसीआई की चिंता खेल सुविधाओं को लेकर भी थी। खास तौर पर मैदान की गुणवत्ता पिच और ड्रेसिंग रूम जैसी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे थे। बाद में निरीक्षण और बातचीत के बाद इन व्यवस्थाओं को लेकर भी संतोषजनक स्थिति सामने आई। यानी बोर्ड ने साफ संकेत दिया है कि टीम के लिए पांच सितारा होटल से ज्यादा जरूरी सुरक्षित ठहराव अच्छी खेल सुविधाएं और मैच स्थल तक आसान पहुंच है।
एशियन गेम्स 2026 का आयोजन जापान के आइची नागोया क्षेत्र में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होना है। क्रिकेट प्रतियोगिता भी इस बड़े खेल आयोजन का हिस्सा होगी और भारत ने पुरुष तथा महिला दोनों वर्गों में मजबूत टीमें उतारी हैं। पुरुष टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे जबकि भारतीय दल से पदक की बड़ी उम्मीदें हैं।
इस पूरे घटनाक्रम से एक बात साफ है कि बीसीसीआई ने इस बार पांच सितारा होटल की सुविधा को प्रतिष्ठा का मुद्दा बनाने के बजाय खिलाड़ियों की तैयारी और प्रतियोगिता से जुड़ी व्यावहारिक जरूरतों को प्राथमिकता दी है। आयोजकों की तय व्यवस्था में रहकर टीम इंडिया अब अपना पूरा ध्यान मैदान पर प्रदर्शन और एशियन गेम्स में पदक जीतने पर लगाएगी।
