ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए दूसरे वनडे में कंगारू टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार स्कोर खड़ा किया। ट्रैविस हेड के तूफानी शतक की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 50 ओवर में 6 विकेट खोकर 356 रन बनाए। इसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 48.3 ओवर में 272 रन पर ऑलआउट हो गई। ऑस्ट्रेलिया ने यह मुकाबला 84 रन से जीतकर तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। जैंपा ने गेंद से अहम भूमिका निभाते हुए दो विकेट चटकाए और इसी दौरान अपने वनडे करियर के 200 विकेट पूरे कर लिए।
जैंपा के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने शेन वॉर्न जैसे दिग्गज गेंदबाज का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा है। वॉर्न ने ऑस्ट्रेलिया के लिए वनडे क्रिकेट में 125 मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे। अब जैंपा 123 मैचों में यह आंकड़ा हासिल करके ऑस्ट्रेलिया के सबसे तेज स्पिनर बन गए हैं। हालांकि पूरी दुनिया में सबसे तेज 200 वनडे विकेट लेने वाले स्पिन गेंदबाज का रिकॉर्ड अभी भी पाकिस्तान के सकलैन मुश्ताक के नाम है।
सकलैन मुश्ताक ने केवल 104 वनडे मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे। इस मामले में अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान दूसरे स्थान पर हैं। राशिद ने 115 मैचों में यह उपलब्धि हासिल की थी। अब 123 मैचों के साथ जैंपा इस खास सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उनके बाद शेन वॉर्न का नाम आता है जिन्होंने 125 मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे। इंग्लैंड के आदिल रशिद 137 मैचों के साथ इस सूची में पांचवें स्थान पर हैं।
इस रिकॉर्ड सूची में भारतीय गेंदबाजों की बात करें तो टॉप पांच में कोई भी भारतीय शामिल नहीं है। भारत की ओर से सबसे ऊपर अनिल कुंबले का नाम है। कुंबले ने वनडे क्रिकेट में 200 विकेट तक पहुंचने के लिए 147 मैच खेले थे और वह इस सूची में सातवें स्थान पर हैं। उनके बाद हरभजन सिंह का नाम आता है जिन्होंने 178 वनडे मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे।
एडम जैंपा के लिए यह उपलब्धि उनके वनडे करियर में एक और बड़ा पड़ाव है। ऑस्ट्रेलियाई टीम को जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में लगातार दूसरी जीत दिलाने में उनकी गेंदबाजी का भी अहम योगदान रहा। अब जैंपा की नजर अपने प्रदर्शन को आगे और मजबूत करने पर होगी जबकि क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि वह आने वाले मुकाबलों में अपनी विकेटों की संख्या को कहां तक पहुंचाते हैं।
