मुख्यमंत्री ने ट्रेड शो में पहुंचे 90 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों, विदेशी खरीदारों और प्रदर्शकों का स्वागत किया। उन्होंने जापान, सिंगापुर और बेलारूस के राजदूतों तथा उच्चायुक्तों के प्रति भी आभार जताया। उनके मुताबिक इस बार करीब 600 विदेशी खरीदार और लगभग डेढ़ लाख बी2बी विजिटर आयोजन में शामिल होने वाले हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की प्रमुख ताकत उसकी परंपरा और उद्यमशीलता में है। इसी सोच के तहत प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों और स्थानीय उत्पादों को वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट यानी ओडीओपी के माध्यम से पहचान देने का प्रयास किया गया है। अलग-अलग जिलों के विशिष्ट उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने पर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश से दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात विभिन्न देशों को किया जा रहा है। उनके अनुसार यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो इसी बदलाव को प्रदर्शित करने वाला महत्वपूर्ण मंच बन गया है।
इस बार ट्रेड शो करीब 36 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में आयोजित किया गया है। इसमें 2400 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं। यहां उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों के साथ आधुनिक तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग, एमएसएमई और नवाचार से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
योगी ने कहा कि इस आयोजन के जरिए छोटे उद्यमियों, कारीगरों, बुनकरों और एमएसएमई को सीधे वैश्विक बाजार से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। इससे उत्पादकों को बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिल रही है और बिचौलियों की भूमिका कम करने की संभावना भी बनती है। उन्होंने ट्रेड शो को केवल व्यापारिक आयोजन के बजाय उत्तर प्रदेश में हो रहे बदलाव को दुनिया के सामने रखने वाला मंच बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक प्रदेश के हस्तशिल्प, बुनकरों और पारंपरिक कारीगरों को पर्याप्त मंच नहीं मिल पाया। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक हुनर और सांस्कृतिक विरासत अब बड़े कारोबार से जुड़ रहे हैं।
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने अमित शाह के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने की प्रक्रिया के दौरान पारंपरिक उद्योगों की क्षमता को पहचानने पर जोर दिया गया था। उन्होंने कहा कि ओडीओपी इसी सोच के तहत उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ट्रेड शो में ऑस्ट्रिया, रूस, बेलारूस, वियतनाम और फ्रांस समेत कई देशों की भागीदारी है। उनके अनुसार इन देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी, तकनीक हस्तांतरण और संयुक्त उपक्रम की संभावनाओं पर काम करने का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत के विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ उत्तर प्रदेश को भी मिल रहा है। प्रदेश अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करने और वैश्विक निर्यात की संभावनाएं बढ़ाने पर जोर दे रहा है। योगी ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उत्तर प्रदेश की परंपरा, उद्योग और वैश्विक बाजार से बढ़ते जुड़ाव का प्रतीक बन रहा है।
