संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें लोकसभा में अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया कि जब उनका नाम लेकर चर्चा की गई और वे उसका जवाब देने के लिए खड़े हुए, तब उन्हें बोलने का मौका नहीं मिला। उनके अनुसार संसदीय परंपरा के तहत जिस सदस्य का नाम लिया जाता है, उसे अपनी बात रखने का अवसर दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया गया और उन्हें अपनी बात पूरी करने का अवसर नहीं दिया गया।
इससे पहले लोकसभा की कार्यवाही के दौरान केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने राहुल गांधी से भी आग्रह किया था कि वे अपने दल के सांसदों को सदन में बहस में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। हालांकि इसके बाद सदन में हंगामा बढ़ गया और कार्यवाही निर्धारित समय से पहले स्थगित कर दी गई।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष का रुख पूरी तरह स्पष्ट है। उनके अनुसार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बिना पेपर लीक जैसे गंभीर विषय पर चर्चा का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार तीन प्रमुख मांगों पर कायम है। इनमें शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करना, छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई शामिल है। उनका कहना है कि केवल चर्चा से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जवाबदेही सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
पेपर लीक के मुद्दे को लेकर पिछले कुछ समय से संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। विभिन्न विपक्षी दल परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठा रहे हैं, जबकि सरकार परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा जता चुकी है। इसी बीच केंद्र सरकार पेपर लीक से जुड़े कानून को और सख्त बनाने की दिशा में भी कदम उठा रही है, जिससे यह मुद्दा राजनीतिक और विधायी दोनों स्तरों पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
संसद में जारी गतिरोध के बीच अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और विपक्ष के बीच इस विषय पर सहमति बन पाती है या नहीं। यदि दोनों पक्षों के बीच संवाद आगे बढ़ता है तो पेपर लीक, परीक्षा सुधार और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा संभव हो सकती है। फिलहाल विपक्ष अपने रुख पर कायम है और सरकार सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के लिए सभी दलों से सहयोग की अपील कर रही है।
