पुलिस के अनुसार, आजमगढ़ के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के गोपालगंज निवासी पीड़ित परिवार पिछले चार वर्षों से गोरखपुर में रह रहा है। बच्ची के पिता ई-रिक्शा चलाते हैं। 27 जुलाई को बड़ी बेटी की तबीयत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसी रात करीब साढ़े आठ बजे 10 वर्षीय बच्ची अपनी बहन के लिए खाना लेकर अस्पताल पहुंची। खाना खिलाने के बाद वह रात करीब नौ बजे घर लौटने के लिए निकली, लेकिन घर नहीं पहुंची।
परिजनों ने काफी तलाश के बाद कोतवाली थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। 39 सेकंड की फुटेज में पुलिस की वर्दी पहने एक युवक बच्ची से बातचीत करता और फिर उसे बाइक पर बैठाकर ले जाता दिखाई दिया। जांच में उसकी पहचान सिपाही अभिषेक यादव के रूप में हुई।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद गुरुवार तड़के चिवटहा पुल के नीचे से बच्ची का शव बरामद किया गया। शव मिलने के बाद मामले में हत्या की धाराएं भी जोड़ दी गईं। पुलिस अब वारदात के पूरे घटनाक्रम और हत्या के कारणों की जांच कर रही है।
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि बच्ची को दुर्भावनापूर्ण तरीके से अगवा किया गया था। आरोपी सिपाही अभिषेक यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ एनएसए की कार्रवाई की जाएगी और सेवा से बर्खास्त करने की रिपोर्ट भी भेज दी गई है।
पांच बहनों में दूसरे नंबर पर थी मासूम
परिजनों ने बताया कि बच्ची पांच बहनों में दूसरे नंबर की थी। उसकी मां नौ माह की गर्भवती है। बड़ी बहन के अस्पताल में भर्ती होने के कारण वह उसके लिए खाना लेकर गई थी। घर लौटते समय आरोपी सिपाही के संपर्क में आने के बाद वह लापता हो गई, जिसके बाद यह दर्दनाक वारदात सामने आई।
