पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान सावित्री देवी के रूप में हुई है, जो अपने बेटे त्रिभुवन के साथ रहती थीं। उनके पति का कई वर्ष पहले निधन हो चुका था। ग्रामीणों के मुताबिक त्रिभुवन लंबे समय से शराब का आदी था और इसी वजह से करीब दस वर्ष पहले उसकी पत्नी भी उसे छोड़कर चली गई थी। बताया जा रहा है कि घटना वाली रात वह नशे की हालत में घर पहुंचा और मां से शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगा। सावित्री देवी द्वारा पैसे देने से इनकार किए जाने पर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठा।
आरोप है कि विवाद के दौरान त्रिभुवन ने अपनी मां के साथ बेरहमी से मारपीट की और उनका सिर दीवार से टकरा दिया। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी ने किसी को सूचना नहीं दी और पूरी रात घर में ही मौजूद रहा। अगले दिन सुबह उसने गांव के प्रधान को फोन कर बताया कि उसकी मां की मौत हो गई है और अंतिम संस्कार कराने की बात कही।
ग्राम प्रधान जब मौके पर पहुंचे तो उन्होंने सावित्री देवी का शव आंगन में पड़ा देखा। शव के सिर के पास खून के निशान थे, जिससे मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद प्रधान ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और घर की दीवार पर भी खून के निशान पाए, जिससे यह आशंका और मजबूत हुई कि महिला का सिर दीवार से टकराया गया था।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी शराब के नशे में अपनी मां के साथ मारपीट करता था। पुलिस को जानकारी मिली है कि घटना से दो दिन पहले भी उसने कथित रूप से सावित्री देवी के साथ हिंसा की थी। महिला के शरीर पर पुराने चोटों के निशान मिलने की बात भी सामने आई है, जिनकी पुष्टि पोस्टमार्टम और चिकित्सकीय जांच के आधार पर की जाएगी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी त्रिभुवन को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि होगी। साथ ही घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, फोरेंसिक जांच और आरोपी से पूछताछ के आधार पर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
