पुलिस के अनुसार नवजात की नाभि पर डिलीवरी के दौरान लगाई जाने वाली स्ट्रिप मिली है। इसी वजह से जांच का एक अहम बिंदु यह है कि बच्चे का जन्म अस्पताल में हुआ था या फिर घर पर डिलीवरी हुई थी। पुलिस आसपास के इलाकों में ऐसी महिलाओं और परिवारों से जुड़ी जानकारी जुटा रही है जिनके यहां हाल में बच्चे का जन्म हुआ हो। स्वास्थ्य विभाग से भी आवश्यक जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है ताकि नवजात की पहचान की जा सके।
घटना के सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर नवजात को नाले में किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा। शुरुआती स्तर पर पुलिस इस संभावना को भी जांच में शामिल कर रही है कि किसी महिला ने सामाजिक दबाव या लोकलाज के चलते बच्चे को जन्म देने के बाद उसे वहां छोड़ दिया हो। हालांकि पुलिस के सामने फिलहाल ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं है जिससे इस संभावना की पुष्टि की जा सके। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
नवजात के शव को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाए जाने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बच्चे की मौत की वजह के साथ यह भी पता लगाने में मदद मिल सकती है कि उसकी मौत जन्म के बाद हुई या वह पहले से मृत था। रिपोर्ट से पुलिस को घटना की परिस्थितियों को समझने में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नवजात को नाले में कब छोड़ा गया। इसके लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों और हाल की डिलीवरी से संबंधित जानकारी को भी जांच का हिस्सा बना रही है। आसपास मौजूद लोगों से यह जानकारी जुटाई जा रही है कि उन्होंने किसी महिला या संदिग्ध व्यक्ति को घटनास्थल के आसपास देखा था या नहीं।
नवजात की नाभि पर मिली डिलीवरी स्ट्रिप जांच में महत्वपूर्ण सुराग मानी जा रही है। इसके जरिए पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि डिलीवरी किस स्थान पर हुई और क्या संबंधित महिला ने किसी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार या प्रसव कराया था। फिलहाल पुलिस ने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाने की बात कही है।
कोलारस पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती नवजात की पहचान करना है। पुलिस आसपास के क्षेत्र में जानकारी जुटाने के साथ जन्म और डिलीवरी से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। मामले की पूरी तस्वीर जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
