स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क खोदने के बाद एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक मरम्मत का काम पूरा नहीं किया गया। ठेकेदार ने केवल मिट्टी डालकर खानापूर्ति कर दी, जिससे सड़कें ऊबड़-खाबड़ और कीचड़ से भर गई हैं। बारिश और पानी के रिसाव के कारण हालात और खराब हो गए हैं।
क्षेत्र में दोपहिया और चारपहिया वाहन आए दिन कीचड़ में फंस रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और पैदल आने-जाने वाले लोगों को हो रही है। घरों के सामने गंदगी और पानी जमा रहने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
वार्डवासियों ने नगर पालिका पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जिम्मेदार इंजीनियर मौके का निरीक्षण नहीं करते, जिससे ठेकेदार मनमानी कर रहा है। पाइपलाइन टूटने के बाद भी समय पर मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे लगातार पानी की बर्बादी हो रही है।
मामले पर सीहोर नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) सुधीर सिंह ने कहा कि संबंधित ठेकेदार और इंजीनियर को तत्काल पाइपलाइन की मरम्मत के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पानी की बर्बादी रोकी जाएगी और सड़क की स्थिति भी जल्द सुधारी जाएगी, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।
