उड़ानें रद्द होने से बढ़ी परेशानी
अब्बास हफीज के मुताबिक सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सऊदी अरब के लिए कई उड़ानें रद्द की हैं। घोषित कार्यक्रम के अनुसार रियाद और दम्माम की उड़ानें 7 नवंबर 2026 तक निलंबित रहेंगी जबकि जेद्दा की उड़ानें 31 अक्टूबर तक रद्द रहेंगी। ऐसे में जिन यात्रियों ने पहले से वापसी के टिकट बुक कराए थे उनकी यात्रा योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
हफीज ने बताया कि उनकी अपनी उड़ान भी रद्द हो गई थी। इसके बाद उन्हें तीन से चार दिन तक परेशानी का सामना करना पड़ा और आखिरकार दूसरी एयरलाइन से किसी अन्य देश के रास्ते भारत लौटने का विकल्प अपनाना पड़ा। उनका कहना है कि बाकी यात्रियों की वापसी के लिए भी वैकल्पिक उड़ानों और विशेष विमानों की व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए।
रोजाना हजारों रुपये का बढ़ रहा खर्च
उड़ानें रद्द होने का सबसे ज्यादा असर उन यात्रियों पर पड़ रहा है जिनका बजट सीमित है। होटल में रुकने भोजन और स्थानीय परिवहन पर रोजाना प्रति व्यक्ति करीब 4 से 5 हजार रुपये अतिरिक्त खर्च होने का दावा किया गया है। कई परिवारों के लिए यह आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है। दूसरी ओर वैकल्पिक उड़ानों के टिकट सामान्य किराए से कई गुना महंगे मिलने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
भोपाल के खानू गांव निवासी अनस खान अपने परिवार के 11 सदस्यों के साथ उमराह करने मदीना गए हैं। उनका 29 अक्टूबर का इंडिगो का वापसी टिकट था लेकिन उड़ान रद्द होने के बाद उन्हें दूसरी फ्लाइट नहीं मिल सकी। अनस के मुताबिक ट्रैवल एजेंसी अब दूसरे देश के रास्ते भारत लौटने का विकल्प तलाश रही है। इस व्यवस्था के लिए परिवार को पुराने टिकट के अतिरिक्त करीब 20 से 22 हजार रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं।
सरकार से विशेष उड़ानों की मांग
अब्बास हफीज ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से प्रभावित यात्रियों की वापसी के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल हेल्पलाइन नंबर जारी करने और वीजा अवधि बढ़ाने में मदद देने से यात्रियों की समस्या पूरी तरह हल नहीं होगी। सरकार को एयरलाइंस के साथ समन्वय करके उपलब्ध वैकल्पिक उड़ानों की जानकारी और जरूरत पड़ने पर विशेष विमान की व्यवस्था पर विचार करना चाहिए।
टूर ऑपरेटरों ने भी यात्रियों को हो रही परेशानी पर चिंता जताई है। बर्रा ट्रैवल्स के मैनेजर हमजा नदवी के मुताबिक उड़ानें रद्द होने से होटल और खाने की व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि कई यात्रियों को महंगे टिकट खरीदने के लिए कर्ज लेना पड़ा या अपनी गाड़ी और सामान तक बेचना पड़ा। टूर ऑपरेटरों का कहना है कि लंबे समय तक यात्रियों के रुकने से कारोबारियों को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
रिफंड मिलने पर भी वापसी की गारंटी नहीं
एयर इंडिया ने निर्धारित शर्तों के तहत 24 अक्टूबर या उससे पहले की कन्फर्म बुकिंग वाले पात्र यात्रियों को मुफ्त रीबुकिंग और टिकट रद्द कराने पर पूरा रिफंड देने की घोषणा की है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी पात्र यात्रियों के लिए एक बार मुफ्त रीबुकिंग का विकल्प दिया है। हालांकि रिफंड या रीबुकिंग की सुविधा मिलने का मतलब यह नहीं है कि यात्रियों को तुरंत दूसरी उड़ान में सीट मिल जाएगी। उड़ानों की उपलब्धता और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियां उनकी वापसी को प्रभावित कर सकती हैं।
मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण उमराह यात्रियों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा उनकी मौजूदा स्थिति की जानकारी और जल्द वापसी की व्यवस्था अहम मुद्दे बन गए हैं। प्रभावित परिवारों को उम्मीद है कि संबंधित एजेंसियां और सरकार मिलकर ऐसा रास्ता निकालेंगी जिससे वे सुरक्षित भारत लौट सकें और उन पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम किया जा सके।
