मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के अनुसार, प्रदेश में लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) के साथ ट्रफ समेत तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से अब तक अपेक्षाकृत कम बारिश वाले इंदौर और उज्जैन संभाग में भी अच्छी बारिश हुई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 14 सितंबर को भी कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
बड़वानी में तालाब ओवरफ्लो, बांध के गेट खोले
रविवार को भोपाल सहित प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। बड़वानी के सेंधवा क्षेत्र में नदी-नाले और तालाब उफान पर रहे। रलावती में जिले का सबसे बड़ा तालाब ओवरफ्लो हो गया।
टीकमगढ़ में तेज बारिश के बाद बान सुजारा बांध के चार गेट खोलने पड़े। हरदा के वन क्षेत्र में लाखादेह की पहाड़ी नदी भी उफान पर रही। इंदौर के महू, ओंकारेश्वर, रतलाम समेत कई क्षेत्रों में तेज बारिश दर्ज की गई। शाजापुर के मक्सी, झाबुआ के पेटलावद, खरगोन के कसरावद और खंडवा में भी मूसलधार बारिश हुई।
चंबल में पिता-पुत्र डूबे
मुरैना में रविवार को चंबल नदी में नहाने के दौरान पिता और पुत्र डूब गए। दोनों बाबू महाराज मंदिर में दर्शन के लिए आए थे। हादसे के बाद उनकी तलाश की गई।
सोमवार को इन 7 जिलों में भारी बारिश
मौसम विभाग ने सोमवार को उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, गुना और श्योपुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने का अनुमान है।
14 सितंबर को भी पश्चिमी MP में असर
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, 14 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। निम्न दबाव क्षेत्र के राजस्थान-गुजरात की ओर बढ़ने के दौरान पश्चिमी जिलों में इसका असर बना रह सकता है।
हालांकि 15 सितंबर के बाद प्रदेश में बारिश की तीव्रता और इसका प्रसार धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। अगले सात दिनों के पूर्वानुमान में पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।
32 जिलों में 2% से 52% तक बारिश कम
प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा 1% तक कम है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2% से 25% तक कम बारिश दर्ज हुई है।
पिछले एक सप्ताह में पूर्वी मध्य प्रदेश की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बनने से बारिश का आंकड़ा तेजी से सुधरा था। इसके चलते सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्से की स्थिति बेहतर हुई थी, लेकिन रविवार तक यह आंकड़ा फिर 1% कम पर पहुंच गया।
पश्चिमी हिस्से में आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 7% से 52% तक कम बारिश हुई है।
इन 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी
IMD के आंकड़ों के अनुसार अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
