राजधानी भोपाल में सुबह से रिमझिम बारिश का दौर जारी है। जिन जिलों में हैवी रेन की चेतावनी दी गई है, उनमें सतना, कटनी, उमरिया, मंडला, डिंडौरी, सिवनी, रायसेन और बैतूल शामिल हैं।
इसके अलावा भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने के आसार हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 13.2 इंच (336.7 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस समय तक 16 इंच (407 मिमी) वर्षा हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब भी करीब 17 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 15 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के 47 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है। वहीं भोपाल, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें देवास में सबसे अधिक 29 प्रतिशत अतिरिक्त वर्षा हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब अब पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के करीब पहुंच चुका है। यह सिस्टम झारखंड और छत्तीसगढ़ होते हुए मध्य भारत की ओर बढ़ेगा। इसके प्रभाव से 28 से 30 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है।
