सीधी में सड़क की खराब हालत को लेकर आंदोलन कर रहीं लीला साहू ने भाजपा सांसद राजेश मिश्रा को सार्वजनिक तौर पर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि इसी साल सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ तो सांसद की सांसदी चली जाएगी। उन्होंने अपने बयान में महिला शक्ति और रावण के संदर्भ का उदाहरण देते हुए सांसद के साम्राज्य के खत्म होने की बात कही।
लीला साहू के मुताबिक उनके गांव की सड़क लंबे समय से खराब है। सड़क पर कीचड़ जमा होने के कारण वाहनों की आवाजाही मुश्किल है और पैदल चलने में भी लोगों को परेशानी होती है। उनका कहना है कि आपात स्थिति में एंबुलेंस के गांव तक पहुंचने में भी दिक्कत हो सकती है। सड़क निर्माण की मांग को लेकर उन्होंने धरना प्रदर्शन शुरू किया है।
लीला साहू ने एक पुरानी घटना का भी जिक्र किया जिसमें उनके मुताबिक गर्भावस्था के दौरान सांसद की ओर से हेलिकॉप्टर से ले जाने की बात कही गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब गांव की गर्भवती महिलाओं को वास्तव में परेशानी हो रही है तो उनकी मदद के लिए हेलिकॉप्टर क्यों नहीं आया।
इधर इंदौर में राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल किया गया। कार्यक्रम में युवाओं की मौजूदगी बढ़ाने के लिए रैपर्स और सिंगर्स को बुलाए जाने की चर्चा के बीच विजयवर्गीय ने तंज करते हुए कहा कि जबरदस्ती बुला रहे हैं और राहुल गांधी इसके लिए पर्याप्त हैं। उनके इस बयान के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद लोगों के बीच हंसी का माहौल बन गया। यह बयान राजनीतिक तंज के तौर पर सामने आया।
खंडवा में किसानों का विरोध प्रदर्शन अलग वजह से चर्चा में आ गया। किसान अपनी मांगों को लेकर रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। उनका कहना था कि वे कलेक्टर को ज्ञापन देना चाहते थे लेकिन कलेक्टर के कार्यालय में मौजूद होने के बावजूद उनसे मिलने नहीं आए। इसके बाद किसानों ने विरोध के अनोखे तरीके के तौर पर एक कुत्ते के गले में ज्ञापन बांध दिया।
भारतीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार कक्काजी ने भी इस दौरान प्रशासन पर नाराजगी जताई। उन्होंने कलेक्टर को लेकर कड़ा बयान दिया और कहा कि वे अधिकारियों की अकड़ निकालने का काम करेंगे। इसी तरह रतलाम में भी किसानों के कलेक्टर से नहीं मिलने पर नाराजगी सामने आई। किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में ही हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया।
इन घटनाओं के बीच मध्यप्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में एक IAS अधिकारी की ऊर्जा विभाग में वापसी को लेकर भी चर्चाएं चलती रहीं। खबर में दावा किया गया है कि अधिकारी अपनी वापसी के लिए प्रयास कर रहे हैं और दिल्ली स्तर पर भी संपर्क साधे जा रहे हैं। साथ ही उनके बिहार से जुड़े पारिवारिक संबंधों को लेकर भी चर्चा का उल्लेख किया गया है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं रखी गई है।
इस तरह मंगलवार को मध्यप्रदेश में सड़क की बदहाली से लेकर किसानों के विरोध और नेताओं के राजनीतिक बयानों तक कई घटनाएं सुर्खियों में रहीं। सीधी में सड़क आंदोलन खंडवा में अनोखा ज्ञापन और इंदौर में राहुल गांधी को लेकर विजयवर्गीय का बयान खास तौर पर चर्चा में रहा।
