दरअसल जनवरी 2026 में तत्कालीन प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की संघ में वापसी हुई थी। उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य क्षेत्र में सह बौद्धिक प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद मध्य प्रदेश भाजपा में प्रदेश संगठन महामंत्री का पद खाली हो गया था। नई नियुक्ति होने तक क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में संगठन से जुड़े काम देख रहे थे।

अब चंद्रशेखर को यह जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक कामकाज में उनकी भूमिका अहम होगी। संगठन महामंत्री पार्टी के संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय से जुड़े काम देखते हैं। प्रदेश से लेकर जिला और बूथ स्तर तक संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में भी इस पद की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

चंद्रशेखर की पृष्ठभूमि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वह उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के रहने वाले हैं और संघ में विभाग प्रचारक के तौर पर काम कर चुके हैं। इसके बाद उन्होंने काशी क्षेत्र में संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाली। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी उन्हें संगठन से जुड़ा दायित्व मिला।

सितंबर 2017 में चंद्रशेखर को राजस्थान भाजपा का संगठन महामंत्री बनाया गया था। उन्होंने करीब छह साल तक राजस्थान में संगठन का काम संभाला। इसके बाद जनवरी 2024 में उन्हें तेलंगाना भाजपा का संगठन महामंत्री बनाया गया। अब मध्य प्रदेश में उन्हें नई जिम्मेदारी दी गई है।
मध्य प्रदेश भाजपा में यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब पार्टी अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की प्रक्रिया में है। चंद्रशेखर के सामने प्रदेश संगठन के विभिन्न स्तरों के बीच समन्वय बनाए रखने के साथ कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
इससे पहले हितानंद शर्मा ने सितंबर 2020 में मध्य प्रदेश भाजपा में सह संगठन महामंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी। मार्च 2022 में सुहास भगत की संघ में वापसी के बाद हितानंद को प्रदेश संगठन महामंत्री बनाया गया था। जनवरी 2026 में उनकी संघ में वापसी के बाद से यह पद खाली था।
अब चंद्रशेखर की नियुक्ति के साथ मध्य प्रदेश भाजपा को पूर्णकालिक प्रदेश संगठन महामंत्री मिल गया है। आने वाले समय में उनकी संगठनात्मक कार्यशैली और प्रदेश भाजपा के अलग-अलग स्तरों के साथ समन्वय पर पार्टी के भीतर नजर रहेगी।
