जांच में सामने आया है कि दोनों संदिग्ध पहले एक साथ चलते दिखाई देते हैं लेकिन कुछ दूरी पर पहुंचकर अलग अलग रास्तों से आगे बढ़ जाते हैं। इसके बाद सुभाष नगर अंडरब्रिज के पास दोनों फिर एक स्थान पर मिलते हैं और वहां से आगे बढ़ने के बाद कैमरों की नजर से ओझल हो जाते हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने बारिश और रेनकोट का सहारा लेकर अपनी पहचान छिपाने की पूरी योजना बनाई थी ताकि सीसीटीवी कैमरों में उनका चेहरा साफ दिखाई न दे। फुटेज में एक तीसरे संदिग्ध के भी नजर आने की जानकारी मिली है जिसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।
तकनीकी जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो चुका है कि दंपती की हत्या 24 जून को ही कर दी गई थी जबकि उनके शव 27 जून को घर के अंदर मिले। यानी करीब तीन दिनों तक दोनों के शव घर में ही पड़े रहे और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार शकुंतला बारीक को दो गोलियां मारी गई थीं जबकि हेमंत फिलेमोन के सिर में एक गोली दागी गई थी। जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया उससे पुलिस को शुरुआत से ही पेशेवर शूटरों के शामिल होने का संदेह है।
पुलिस की जांच अब सुपारी किलिंग के एंगल पर सबसे अधिक केंद्रित हो गई है। अधिकारियों का मानना है कि आरोपियों ने वारदात से पहले कई दिनों तक बुजुर्ग दंपती की गतिविधियों पर नजर रखी और पूरी योजना के साथ हत्या को अंजाम दिया। जिस सटीक तरीके से गोली मारी गई उससे यह आशंका और मजबूत हुई है कि वारदात में प्रशिक्षित अपराधियों का हाथ हो सकता है।
जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। पुलिस को जानकारी मिली है कि दंपती अपना मकान लगभग एक करोड़ बीस लाख रुपए में बेचने की तैयारी कर रहे थे। मकान का सौदा लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका था लेकिन रजिस्ट्री और भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही दोनों की हत्या हो गई। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस सौदे से किस व्यक्ति या समूह को आर्थिक नुकसान होने वाला था और कहीं इसी वजह से हत्या की साजिश तो नहीं रची गई।
मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच साइबर सेल और विभिन्न थानों की करीब बीस टीमें लगातार काम कर रही हैं। पुलिस मोबाइल लोकेशन डिजिटल ट्रांजैक्शन बैंक खातों और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच कर रही है। मृतका की एक करीबी रिश्तेदार के बैंक खातों में कुछ संदिग्ध लेनदेन भी सामने आए हैं जिनकी गहन पड़ताल जारी है। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि जांच हर पहलू से आगे बढ़ रही है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। मामले में उपयोगी और पुख्ता जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए पचास हजार रुपए के इनाम की भी घोषणा की गई है। पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जल्द ही इस बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड का खुलासा किया जा सकेगा।
