मामला 60 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी संतोष सिंह तोमर से जुड़ा है। फरियादी के अनुसार गोरेगांव में कथित अवैध प्लॉटिंग को लेकर शिकायत करने के बाद उनका कुछ लोगों से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के बीच उन्हें कथित तौर पर फोन पर धमकियां दी गईं। इसके बाद 10 सितंबर की दरमियानी रात करीब ढाई बजे एक SUV में आधा दर्जन से ज्यादा लोग उनके घर पहुंचे। आरोप है कि घर के गेट के बाहर कई राउंड फायरिंग की गई और जान से मारने की धमकी देकर आरोपी मौके से फरार हो गए।
फरियादी पक्ष का दावा है कि फायरिंग की घटना अचानक नहीं हुई बल्कि इसके पहले से ही धमकियों का सिलसिला चल रहा था। जारी किए गए छह ऑडियो में कथित तौर पर जमीन विवाद को लेकर बातचीत और धमकी जैसी बातें सामने आती हैं। एक ऑडियो में खुद को सौरभ चौहान बताने वाला व्यक्ति कारोबारी को चुनौती देता सुनाई देता है। बातचीत में वह भोपाल में काम नहीं करने की बात कहता है। हालांकि पुलिस जांच में इन ऑडियो की वास्तविकता और कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि होना बाकी है।
फायरिंग के बाद पुलिस को रात करीब 2 बजकर 55 मिनट पर डायल 112 के जरिए सूचना दी गई। इसके करीब आधे घंटे बाद फरियादी पक्ष रातीबड़ थाने पहुंच गया। इसके बावजूद FIR अगले दिन 11 सितंबर की शाम करीब 5 बजे दर्ज होने की बात सामने आई है। FIR में फिलहाल किसी आरोपी को नामजद नहीं किया गया है। पुलिस ने मामले में उस SUV के नंबर MP 13 ZD 5656 का उल्लेख किया है जिससे आरोपी मौके पर पहुंचे थे।
फरियादी ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में भी शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। कारोबारी ने गांव में रहने वाले लखन मारण पर भी संदेह जताया है। पुलिस अब जमीन विवाद से लेकर धमकी वाले कथित ऑडियो और फायरिंग तक की पूरी कड़ी को जोड़ने में जुटी है। जांच का अहम हिस्सा यह पता लगाना होगा कि फायरिंग से पहले किन लोगों ने फरियादी से संपर्क किया था और वारदात के बाद किन नंबरों से उन्हें धमकी या दबाव देने की कोशिश की गई।
इस मामले में पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। क्या फायरिंग जमीन विवाद के चलते हुई थी। कथित ऑडियो में आवाज किस व्यक्ति की है। SUV से मौके पर कौन लोग पहुंचे थे और फायरिंग में कितने हथियारों का इस्तेमाल हुआ। इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल धमकी के कथित ऑडियो और घर के बाहर हुई फायरिंग ने भोपाल के इस जमीन विवाद को गंभीर बना दिया है और पुलिस की जांच अब घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने पर केंद्रित है।
