थाना प्रभारी के साथ बीट प्रभारी एएसआई राकेश गुर्जर और माइक्रो बीट प्रभारी आरक्षक नरेंद्र रावत पर भी कार्रवाई की गई है। तीनों पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच करने के साथ निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई डीसीपी जोन तीन आयुष गुप्ता के स्तर से की गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक चौक बाजार क्षेत्र में जुआ चलने की जानकारी सामने आने के बावजूद उसे रोकने के लिए थाना स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई थी।
दरअसल गत दिवस एसीपी कोतवाली संतोष पटेल अपनी टीम के साथ चौक बाजार क्षेत्र में पहुंचे थे। टीम ने जुए के अड्डे पर अचानक दबिश दी। पुलिस की कार्रवाई से वहां मौजूद जुआरियों में अफरा तफरी मच गई। टीम ने दर्जनभर से ज्यादा लोगों को पकड़ा और मौके से करीब 2.25 लाख रुपए बरामद किए। इस कार्रवाई के बाद वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान इस बात पर गया कि जिस इलाके में जुआ चल रहा था वहां स्थानीय पुलिस की ओर से पहले क्या कार्रवाई की गई थी।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जुआ बंद कराने को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से पहले निर्देश दिए जा चुके थे। इसके बावजूद गतिविधियां पूरी तरह नहीं रुक सकीं। थाना स्तर पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर पुलिस अधिकारियों ने जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू की। इसी जांच के दौरान थाना प्रभारी प्रभात गौड़ पर जुआरियों को संरक्षण देने से जुड़े आरोपों की भी पड़ताल की गई। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और विभागीय कार्रवाई के आधार पर ही तय होगा।
बीट और माइक्रो बीट स्तर के पुलिसकर्मियों की भूमिका को भी जांच के दायरे में रखा गया। अधिकारियों का मानना है कि किसी क्षेत्र में लगातार अवैध गतिविधि चलने की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होना पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। इसी आधार पर थाना प्रभारी के साथ बीट प्रभारी और माइक्रो बीट प्रभारी के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
भोपाल में जुए से जुड़े मामलों में थाना स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई का यह दूसरा बड़ा मामला बताया जा रहा है। इससे पहले बजरिया थाना प्रभारी शिल्पा कौरव को भी निलंबित किया गया था। उनके खिलाफ भी जुआरियों को संरक्षण देने से जुड़े आरोप सामने आए थे। अब कोतवाली क्षेत्र की कार्रवाई के बाद तीन पुलिसकर्मियों के निलंबन से पुलिस विभाग में जिम्मेदारी और निगरानी को लेकर सख्ती का संकेत मिला है।
एसीपी कोतवाली संतोष पटेल ने कोतवाली थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हुई कार्रवाई की पुष्टि की है। पुलिस अब चौक बाजार में जुए के अड्डे से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि वहां जुए की गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं और इसमें कौन कौन लोग शामिल थे। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
