दही का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह त्वचा को गहराई से मॉइस्चराइज करता है। जिन लोगों की त्वचा रूखी और बेजान रहती है उनके लिए दही एक बेहतरीन प्राकृतिक मॉइस्चराइजर का काम करता है। चेहरे पर दही की पतली परत लगाकर लगभग पंद्रह से बीस मिनट तक छोड़ने के बाद सादे पानी से धोने पर त्वचा पहले से अधिक मुलायम और ताजगी भरी महसूस होती है।
गर्मी और धूप के कारण होने वाली टैनिंग को कम करने में भी दही काफी असरदार माना जाता है। इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है जिससे चेहरा साफ और चमकदार दिखाई देता है। यदि दही में थोड़ा सा बेसन या चावल का आटा मिलाकर फेस पैक बनाया जाए तो त्वचा की गहराई से सफाई होती है और प्राकृतिक निखार बढ़ता है।
मुंहासों और ऑयली स्किन से परेशान लोगों के लिए भी दही लाभकारी हो सकता है। दही में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया त्वचा का संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं जबकि इसका हल्का एक्सफोलिएटिंग प्रभाव रोमछिद्रों की सफाई करने में सहायक होता है। हालांकि जिन लोगों की त्वचा बहुत अधिक संवेदनशील है उन्हें पहले त्वचा के एक छोटे हिस्से पर इसका परीक्षण कर लेना चाहिए।
अगर चेहरे पर हल्के दाग धब्बे या पिगमेंटेशन की समस्या है तो दही में थोड़ा सा शहद या हल्दी मिलाकर लगाया जा सकता है। यह मिश्रण त्वचा को पोषण देने के साथ रंगत को निखारने में मदद कर सकता है। नियमित उपयोग से त्वचा अधिक स्वस्थ और समान रंग की दिखाई देने लगती है। आंखों के नीचे की थकान कम करने के लिए भी ठंडे दही का हल्का प्रयोग किया जा सकता है जिससे त्वचा को ठंडक और ताजगी मिलती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक उपाय तभी प्रभावी होते हैं जब उनका नियमित और संतुलित उपयोग किया जाए। दही का इस्तेमाल सप्ताह में दो से तीन बार करना पर्याप्त माना जाता है। चेहरे पर लगाने से पहले त्वचा को अच्छी तरह साफ कर लें और उपयोग के बाद हल्के गुनगुने या सामान्य पानी से चेहरा धो लें। यदि किसी प्रकार की एलर्जी जलन या त्वचा संबंधी गंभीर समस्या हो तो त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहता है।
स्वस्थ और चमकदार त्वचा केवल बाहरी देखभाल से नहीं बल्कि संतुलित आहार पर्याप्त पानी नियमित नींद और स्वस्थ जीवनशैली से भी जुड़ी होती है। दही को अपने भोजन और स्किन केयर रूटीन दोनों में शामिल करके त्वचा को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ और दमकता हुआ बनाए रखा जा सकता है।
