विशेषज्ञों के अनुसार गर्भावस्था के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन का स्तर तेजी से बढ़ता है। इन हार्मोन का सीधा असर त्वचा पर पड़ता है। त्वचा तक रक्त संचार बेहतर होने लगता है जिससे चेहरे की कोशिकाओं को अधिक ऑक्सीजन और पोषण मिलता है। यही वजह है कि कई महिलाओं का चेहरा पहले की तुलना में अधिक ताजा साफ और चमकदार दिखाई देता है। गर्भावस्था के चौथे महीने के बाद यह बदलाव अधिक स्पष्ट रूप से नजर आने लगता है क्योंकि शुरुआती महीनों में उल्टी थकान और कमजोरी अधिक रहती है।
प्रेग्नेंसी ग्लो की एक बड़ी वजह शरीर में बढ़ने वाली रक्त की मात्रा भी होती है। डॉक्टरों के अनुसार गर्भ में पल रहे शिशु की जरूरतों को पूरा करने के लिए महिला के शरीर में रक्त की मात्रा सामान्य से काफी अधिक हो जाती है। इससे चेहरे की महीन रक्त वाहिकाओं तक भी अधिक रक्त पहुंचता है जिससे गालों पर हल्की गुलाबी आभा और प्राकृतिक चमक दिखाई देती है। यही कारण है कि बिना किसी मेकअप के भी कई महिलाओं का चेहरा दमकता हुआ नजर आता है।
गर्भावस्था के दौरान त्वचा में प्राकृतिक तेल का उत्पादन भी बढ़ जाता है। इससे त्वचा मुलायम और चमकदार दिख सकती है। हालांकि जिन महिलाओं की त्वचा पहले से तैलीय होती है उन्हें इस दौरान मुंहासों या पिंपल्स की समस्या भी हो सकती है। इसलिए यदि किसी गर्भवती महिला को चेहरे पर दाने निकल आएं तो इसे असामान्य नहीं माना जाता क्योंकि यह भी हार्मोनल बदलाव का सामान्य प्रभाव हो सकता है।
जैसे जैसे गर्भ में शिशु का विकास होता है वैसे वैसे महिला के शरीर में गर्माहट और रक्त प्रवाह भी बढ़ता है। कई महिलाओं को इस दौरान सामान्य से अधिक गर्मी महसूस होती है। इसका असर चेहरे पर हल्की लालिमा और प्राकृतिक चमक के रूप में दिखाई देता है। यही बदलाव प्रेग्नेंसी ग्लो को और अधिक स्पष्ट बनाता है।
इस दौरान सही खानपान भी त्वचा की खूबसूरती में अहम भूमिका निभाता है। यदि गर्भवती महिला अपने भोजन में ताजे फल हरी सब्जियां दूध दही दाल अंडा और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करती है तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीती है तो त्वचा को आवश्यक विटामिन और पोषण मिलता है। इससे त्वचा स्वस्थ बनी रहती है और प्राकृतिक निखार बढ़ सकता है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि हर महिला में प्रेग्नेंसी ग्लो दिखाई दे यह जरूरी नहीं है। किसी को चमक मिलती है तो किसी को पिग्मेंटेशन मुंहासे या त्वचा संबंधी दूसरी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए गर्भावस्था के दौरान त्वचा में होने वाले बदलावों को सामान्य रूप से स्वीकार करना चाहिए और किसी भी गंभीर समस्या की स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प होता है।
