मिल्क रोल बर्फी बनाने के लिए सबसे पहले एक भारी तले की कड़ाही में एक गिलास फुल क्रीम दूध डालकर धीमी आंच पर गर्म करें। इसमें दो छोटे चम्मच देसी घी मिलाएं और दूध को लगातार चलाते हुए पकाएं। जब दूध में हल्का उबाल आने लगे, तब इसमें स्वादानुसार चीनी डालें और मिश्रण को अच्छी तरह घुलने दें। लगातार चलाते रहने से दूध तले में नहीं लगेगा और स्वाद भी बेहतर रहेगा।
इसके बाद मिश्रण में आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर मिलाएं, जिससे बर्फी में खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ जाएंगे। यदि चाहें तो इसमें केसर या गुलाब जल की कुछ बूंदें भी मिला सकते हैं। अब दूध को तब तक पकाएं जब तक वह थोड़ा गाढ़ा न हो जाए। इसके बाद इसमें लगभग डेढ़ सौ ग्राम नारियल का बुरादा डालकर अच्छी तरह मिलाएं। मिश्रण को लगातार चलाते हुए तब तक पकाएं, जब तक वह कड़ाही छोड़ने न लगे और आटे जैसी लोई का रूप न ले ले।
यदि मिल्क रोल को हल्का पिस्ता फ्लेवर देना चाहते हैं, तो इसमें थोड़ा पिस्ता एसेंस, पिसा हुआ पिस्ता या एक-दो बूंद प्राकृतिक फूड कलर मिला सकते हैं। हालांकि यह पूरी तरह वैकल्पिक है और इसके बिना भी मिठाई का स्वाद शानदार रहता है। मिश्रण तैयार होने के बाद गैस बंद कर दें और इसे कुछ मिनट ठंडा होने दें।
अब एक साफ बटर पेपर, प्लास्टिक शीट या घी लगी ट्रे तैयार करें। मिश्रण को उस पर फैलाकर बेलनाकार रोल का आकार दें या चाहें तो ट्रे में जमाकर पारंपरिक बर्फी की तरह सेट करें। ऊपर से कटे हुए बादाम, पिस्ता या अन्य सूखे मेवे हल्के हाथ से दबाकर लगा दें। इसके बाद इसे लगभग आधे घंटे के लिए फ्रिज में रख दें ताकि मिठाई अच्छी तरह जम जाए।
जब रोल पूरी तरह सेट हो जाए तो इसे मनचाहे आकार में काट लें। तैयार मिल्क रोल बर्फी का स्वाद बेहद मुलायम, हल्का और समृद्ध होता है। यह बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आती है और व्रत, पूजा, त्योहार या मेहमानों के स्वागत के लिए भी उपयुक्त रहती है। यदि इसे एयरटाइट डिब्बे में रखकर फ्रिज में रखा जाए, तो यह लगभग एक सप्ताह तक ताजा बनी रह सकती है। इसलिए सावन के सोमवार, पूजा-पाठ या अन्य धार्मिक अवसरों के लिए इसे पहले से तैयार करके आसानी से उपयोग किया जा सकता है।
