हुबेई प्रांत के रहने वाले सोंग शिंग्यू सोशल मीडिया पर अमेजिंग आयू के नाम से पहचाने जाते हैं। उन्हें बचपन से ही नई चीजें बनाने और तकनीकी प्रयोग करने में दिलचस्पी रही है। वह अपने बनाए उपकरणों और उनसे जुड़े प्रयोगों के वीडियो साझा करते रहते हैं। उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर 30 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। उड़ने वाला बोर्ड बनाने का विचार उन्हें स्पाइडर-मैन फिल्म में दिखाई देने वाले ग्रीन गोब्लिन के उड़ने वाले उपकरण से मिला था। इसी कल्पना को वास्तविक रूप देने के लिए उन्होंने काम शुरू किया।
सोंग ने इस परियोजना पर करीब दो महीने तक मेहनत की। हालांकि, उनका पहला प्रयास सफल नहीं रहा। शुरुआती डिजाइन में उन्होंने पांच जेट इंजन का इस्तेमाल किया था। जब उन्होंने सभी इंजनों को एक साथ चलाकर परीक्षण किया, तो उसमें आग लगने जैसी समस्या सामने आई। इंजनों से निकलने वाली गर्म हवा जमीन से टकराकर वापस इंजन की ओर लौट रही थी। इससे उपकरण के संचालन में परेशानी पैदा हो रही थी। इस समस्या के बाद उन्होंने पुराने डिजाइन को छोड़कर बिजली से चलने वाले बोर्ड पर काम करना शुरू किया।
नए डिजाइन में उन्होंने 10 शक्तिशाली इलेक्ट्रिक मोटर लगाईं। लगातार परीक्षण और सुधार के बाद बोर्ड उड़ान भरने के लिए तैयार हुआ। अक्टूबर 2026 में सोंग ने इससे जुड़ा वीडियो साझा किया, जिसमें वह पहाड़ों के बीच और यांग्त्जी नदी के ऊपर उड़ते दिखाई दिए। हालांकि, इस उपकरण को तैयार करने के साथ हवा में इसका संतुलन बनाए रखना भी उनके लिए बड़ी चुनौती थी। उड़ान के दौरान शरीर का थोड़ा-सा झुकाव भी बोर्ड का संतुलन बिगाड़ सकता था।
इस समस्या से निपटने के लिए सोंग ने दो स्मार्टफोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की मदद ली। फोन बोर्ड के झुकाव और उनकी स्थिति पर नजर रखने में सहायता करते हैं। इसके बाद एआई उन्हें ईयरफोन के माध्यम से निर्देश देता है कि संतुलन बनाए रखने के लिए शरीर किस दिशा में झुकाना है और घुटनों की स्थिति कैसी रखनी है। इस तकनीक की मदद से उन्होंने उड़ान के दौरान अपने शरीर और बोर्ड के बीच संतुलन साधने का तरीका विकसित किया।
सोंग को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कई बार असफलताओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने पहले जमीन से थोड़ी ऊंचाई पर उड़ने का अभ्यास किया और फिर धीरे-धीरे अपने प्रयोगों का दायरा बढ़ाया। अक्टूबर में हुबेई प्रांत में उन्होंने अपने बोर्ड से उड़ान भरी। वीडियो सामने आने के बाद कुछ लोगों ने इसकी वास्तविकता पर सवाल उठाते हुए इसे एआई से बनाया गया बताया। इसके बाद सोंग ने पत्रकारों के सामने भी उड़ान का प्रदर्शन किया, ताकि लोग उनके आविष्कार को प्रत्यक्ष रूप से देख सकें।
सोंग का मानना है कि नई चीजें बनाने के लिए केवल महंगे उपकरण ही जरूरी नहीं होते। सीखने की इच्छा, तकनीकी समझ और लगातार प्रयास से भी नए प्रयोग किए जा सकते हैं। हालांकि, इस तरह के उड़ने वाले उपकरणों का इस्तेमाल जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए पर्याप्त तकनीकी जानकारी, सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक अनुमति के बिना ऐसे उपकरणों को बनाना या उड़ाना खतरनाक साबित हो सकता है।
