अंबिका ने रेडपिक्स को दिए एक इंटरव्यू में तृषा और विजय की दोस्ती पर बात करते हुए कहा कि किसी दोस्त का कद या सामाजिक स्थिति बदल जाने से दोस्ती का मतलब नहीं बदल जाना चाहिए। उनके मुताबिक अगर दोस्ती के रिश्ते को लोग अपनी तरफ से कोई दूसरा नाम देने लगें तो यह उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि दोस्ती को महत्व देना जरूरी है लेकिन ऐसी परिस्थितियों से भी बचना चाहिए जिनकी वजह से किसी करीबी व्यक्ति को सार्वजनिक आलोचना का सामना करना पड़े।
अंबिका ने अपनी बात रखते हुए कहा कि अगर वह तृषा की जगह होतीं तो ऐसी परिस्थिति से बचने की कोशिश करतीं जहां उनके कारण उनके करीबी दोस्त को आलोचना झेलनी पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनकी व्यक्तिगत सोच है और उनका उद्देश्य किसी के रिश्ते पर टिप्पणी करना नहीं है। उनके इस बयान के बाद एक बार फिर विजय और तृषा की दोस्ती को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
विजय और तृषा की दोस्ती की चर्चा का एक कारण दोनों की लंबी फिल्मी साझेदारी भी है। दोनों ने साल 2004 में रिलीज हुई फिल्म घिल्ली में साथ काम किया था। इसके बाद थिरुपाची अथी कुरुवी और लियो जैसी फिल्मों में भी दोनों की जोड़ी दिखाई दी। फिल्मों में उनकी जोड़ी को दर्शकों ने पसंद किया और दोनों लंबे समय से एक दूसरे के संपर्क में बताए जाते हैं।
हाल के वर्षों में दोनों की ऑफस्क्रीन मौजूदगी ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। विजय के तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के कार्यक्रम में तृषा को देखा गया था। रिपोर्ट के अनुसार वह विजय के माता पिता के साथ बैठी नजर आई थीं। इसके अलावा 15 अगस्त 2026 को चेन्नई के फोर्ट सेंट जॉर्ज में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी तृषा की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी थी।
इसी तरह ब्रिटेन के सिल्वरस्टोन में अजित कुमार से जुड़े ली मैन्स कप रेसिंग इवेंट के दौरान भी विजय और तृषा के नजर आने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में रहे। एक वायरल वीडियो में दोनों की मौजूदगी को लेकर यूजर्स ने अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। हालांकि सोशल मीडिया पर होने वाली अटकलों को दोनों के निजी रिश्ते की आधिकारिक पुष्टि नहीं माना जा सकता।
