मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट और ऑडियो संदेश का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदेश किसने जारी किया, उसका वास्तविक स्रोत क्या है और उसमें किए गए दावों की सत्यता कितनी है। जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते आकलन किया जा सके।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह कथित संदेश आरजू बिश्नोई और टायसन बिश्नोई नाम से जुड़े सोशल मीडिया खातों के माध्यम से साझा किया गया है। इन व्यक्तियों ने स्वयं को लॉरेंस बिश्नोई का सहयोगी बताया है। संदेश में आमिर खान पर कथित रूप से “लव जिहाद” को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है। यह दावा अभिनेता के निजी जीवन और हाल के वैवाहिक संबंधों का उल्लेख करते हुए किया गया है। हालांकि, इन आरोपों या संदेश में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इन्हें जांच के दायरे में रखकर आगे बढ़ रही है।
कथित ऑडियो संदेश में राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक किशोरी से जुड़े आपराधिक मामले का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही कुछ राजनीतिक नेताओं को चेतावनी देने जैसी बातें भी कही गई हैं। पुलिस इन सभी संदर्भों की अलग-अलग जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संदेश का उद्देश्य क्या था और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इससे पहले अभिनेता सलमान खान को भी लंबे समय से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की ओर से धमकियां मिलने के कई मामले सामने आ चुके हैं। वर्ष 1998 के काले हिरण शिकार प्रकरण के बाद से सलमान खान का नाम इस विवाद से जुड़ता रहा है। पिछले कुछ वर्षों में उनके आवास के बाहर गोलीबारी की घटना और लगातार मिलती धमकियों के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था भी कई स्तरों पर मजबूत की गई थी।
आमिर खान से जुड़ी कथित धमकी के मामले में फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार का आपराधिक तत्व सामने आता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर सतर्कता बनाए हुए है और किसी भी संभावित सुरक्षा जोखिम को गंभीरता से देखते हुए सभी आवश्यक कदम उठा रही है।
