सूत्रों के अनुसार इस डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग पहले ही शुरू हो चुकी है। टीम ने ओडिशा के उस छोटे से गांव में भी शूटिंग की है जहां से राष्ट्रपति मुर्मू का जीवन प्रारंभ हुआ था। इस डॉक्यूमेंट्री में स्थानीय कलाकारों को भी शामिल किया गया है ताकि कहानी को अधिक वास्तविक और जमीनी रूप दिया जा सके।
फिल्म का निर्देशन स्वाति चक्रवर्ती कर रही हैं जिन्होंने पहले भी आमिर खान के साथ रूबरू रोशनी जैसी चर्चित डॉक्यूमेंट्री पर काम किया था। इस बार भी उन्होंने एक ऐसी कहानी को चुना है जो प्रेरणा और सामाजिक बदलाव का संदेश देती है।
डॉक्यूमेंट्री में द्रौपदी मुर्मू के बचपन से लेकर उनके राजनीतिक और सामाजिक जीवन तक की पूरी यात्रा को दिखाया जाएगा। इसमें यह भी बताया जाएगा कि किस तरह उन्होंने एक आदिवासी पृष्ठभूमि से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने का ऐतिहासिक सफर तय किया। यह कहानी उनके संघर्ष उनके समर्पण और समाज के लिए किए गए कार्यों को गहराई से उजागर करेगी।
इसके साथ ही डॉक्यूमेंट्री में उनके निजी जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को भी शामिल किया जाएगा। उनके जीवन के कठिन दौर और चुनौतियों को भी ईमानदारी के साथ प्रस्तुत किया जाएगा ताकि दर्शक उनकी वास्तविक यात्रा को समझ सकें।
एक विशेष हिस्सा उस ऐतिहासिक क्षण पर केंद्रित होगा जब उन्हें देश के राष्ट्रपति पद के लिए चुना गया था। यह पल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जाता है और डॉक्यूमेंट्री में इसे विस्तार से दिखाया जाएगा।
आमिर खान प्रोडक्शन पहले भी कई ऐसी कहानियां लेकर आया है जो समाज में सकारात्मक प्रभाव छोड़ती हैं। इस प्रोडक्शन की पहचान ही ऐसी फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री से है जो वास्तविक घटनाओं पर आधारित होती हैं और दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती हैं।
इसके अलावा प्रोडक्शन हाउस एक और बड़े प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहा है जो 1947 के ऐतिहासिक विभाजन पर आधारित फिल्म है। इस फिल्म में कई बड़े कलाकार नजर आएंगे और यह एक भव्य ऐतिहासिक ड्रामा होगा।
कुल मिलाकर द्रौपदी मुर्मू पर बन रही यह डॉक्यूमेंट्री न केवल उनके जीवन को उजागर करेगी बल्कि देश की नई पीढ़ी को यह संदेश भी देगी कि संघर्ष और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी ऊंचाई तक पहुंचा जा सकता है।
