एक विशेष बातचीत के दौरान परेश रावल ने स्पष्ट किया कि उनकी मूल कहानी मुख्य रूप से पिता और पुत्र के संवेदनशील रिश्ते के इर्द-गिर्द बुने गए एक सामाजिक ड्रामा पर आधारित थी। इस ड्रामा में स्कूली शिक्षा, सेक्स एजुकेशन, सामाजिक बदनामी और अपने बच्चे के न्याय के लिए माता-पिता द्वारा लड़ी जाने वाली कानूनी व मानसिक लड़ाई को केंद्र में रखा गया था। उन्होंने बताया कि इस कहानी के शुरुआती प्रारूप में किसी भी प्रकार के दैवीय या भगवान के किरदार का कोई स्थान नहीं था। इसे कभी भी साल 2012 में आई सुपरहिट फिल्म ‘ओएमजी’ के सीधे सीक्वल या आध्यात्मिक उत्तराधिकारी के रूप में नहीं देखा गया था।
अभिनेता ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उनके लिए सबसे अधिक पीड़ादायक बात यह रही कि उनके इस मूल विचार को फिल्म की क्रेडिट लाइन में कोई स्थान नहीं मिला। पूरी फिल्म की टीम और इंडस्ट्री में उनका नाम तक कहीं नहीं लिया गया, जबकि फिल्म के मुख्य पहलुओं की नींव उन्होंने ही रखी थी। उनके अनुसार फिल्म जगत के कई प्रभावशाली लोग और निर्माता-निर्देशक इस सच से भलीभांति वाकिफ हैं कि इस कहानी का मुख्य विचार कहां से उत्पन्न हुआ था। उन्होंने दावा किया कि अमित राय और अक्षय कुमार के अलावा अजय देवगन, करण जौहर और सलमान खान जैसे बड़े सितारे भी जानते थे कि यह उनका विचार था।
कहानी की पृष्ठभूमि को साझा करते हुए परेश रावल ने बताया कि उन्होंने फिल्म ‘रोड टू संगम’ के निर्देशक अमित राय के काम से प्रभावित होकर उनसे संपर्क किया था। उन्होंने अमित को एक ऐसे स्कूली छात्र की कहानी पर काम करने का सुझाव दिया था, जिसकी एक निजी हरकत का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो जाता है। इसके बाद समाज और स्कूल प्रशासन उस बच्चे का बहिष्कार कर देते हैं। इस विषम परिस्थिति में बच्चे का पिता पूरी ताकत के साथ उसके सम्मान की रक्षा करने और समाज की संकीर्ण मानसिकता को अदालत में चुनौती देने के लिए खड़ा होता है।
बाद में जब इस प्रोजेक्ट में अक्षय कुमार की एंट्री हुई, तो पूरी कहानी का ढांचा बदल दिया गया। परेश रावल के अनुसार अक्षय कुमार ने खुद उन्हें इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने के लिए आमंत्रित किया था। हालांकि, स्क्रिप्ट में हुए बड़े बदलावों और मूल भावना के खत्म हो जाने के कारण उन्होंने इस प्रस्ताव को बेहद शालीनता से ठुकरा दिया। अभिनेता ने अक्षय कुमार को साफ कह दिया था कि यह वह फिल्म नहीं है जिसकी उन्होंने कल्पना की थी। अंततः फिल्म में परेश रावल की जगह पंकज त्रिपाठी को लिया गया और अक्षय कुमार ने फिल्म में भगवान शिव के दूत की भूमिका निभाई।
