अनीता आडवाणी ने एक बातचीत के दौरान बताया कि राजेश खन्ना अपनी अलग रह रही पत्नी डिंपल कपाड़िया से औपचारिक तलाक चाहते थे और उन्होंने इसके लिए कई बार प्रयास भी किया। अनीता के अनुसार, राजेश खन्ना की पत्नी उनके साथ रहने के लिए तैयार नहीं थीं, लेकिन वे उन्हें तलाक देने से भी इनकार कर रही थीं। जब भी तलाक की बात उठती, तो डिंपल की तरफ से शर्त रखी जाती थी कि अगर उन्हें तलाक चाहिए तो अभिनेता को अपनी पूरी संपत्ति और सब कुछ उनके और बेटियों के नाम करना होगा। इसी वजह से कई बार कोशिश करने के बावजूद दोनों के बीच कानूनी रूप से तलाक की प्रक्रिया कभी पूरी नहीं हो सकी।
अपने कानूनी पक्ष और रिश्ते पर चर्चा करते हुए अनीता आडवाणी ने कहा कि उनका मामला हिंदू विवाह कानून के तहत चला गया, जिससे उनका सीधा संबंध नहीं था। उन्होंने राजेश खन्ना के साथ अपने वर्षों पुराने लिव-इन रिश्ते के लिए कानूनी मान्यता की मांग की थी। उन्होंने कहा कि कानून में लिव-इन पार्टनर के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर स्थिति बेहद उलझाऊ है। जब कोई व्यक्ति किसी के साथ लंबे समय तक खड़ा रहता है, तो ऐसे रिश्तों को कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि 1982 में राजेश खन्ना से अलग होने के बाद डिंपल कपाड़िया ने अपनी बेटियों की परवरिश के साथ-साथ फिल्मों में अपनी सफल वापसी की थी। वहीं, जीवन के अंतिम पड़ाव में राजेश खन्ना के साथ अनीता आडवाणी लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थीं। 18 जुलाई 2012 को दिग्गज अभिनेता ने अंतिम सांस ली, लेकिन उनके निधन के बाद भी उनके निजी संबंधों और संपत्ति से जुड़े विवाद अक्सर चर्चा का विषय बनते रहे हैं।
