यह घटना उस समय की है जब निर्देशक सुधाकर शर्मा अपनी फिल्म का निर्माण कर रहे थे। वह चाहते थे कि फिल्म का एक खास गीत किशोर कुमार अपनी आवाज में गाएं। सुधाकर शर्मा पहले कई वर्षों तक किशोर कुमार के साथ सहायक के रूप में काम कर चुके थे इसलिए उन्हें उम्मीद थी कि पुराने संबंधों को देखते हुए किशोर कुमार आसानी से तैयार हो जाएंगे।
जब उन्होंने किशोर कुमार से फिल्म में गाना गाने का अनुरोध किया तो किशोर कुमार ने मुस्कुराते हुए कहा कि वह गीत जरूर गाएंगे लेकिन इसके लिए उन्हें पूरे 17 हजार रुपये फीस चाहिए और एक रुपया भी कम स्वीकार नहीं करेंगे। उस दौर में यह रकम काफी बड़ी मानी जाती थी। यह सुनकर सुधाकर शर्मा हैरान रह गए क्योंकि उन्हें लगा था कि वर्षों पुराने रिश्ते की वजह से फीस में रियायत मिल सकती है।
इसके बावजूद उन्होंने किसी तरह रकम की व्यवस्था की और रिकॉर्डिंग की तैयारी पूरी की। तय समय पर किशोर कुमार स्टूडियो पहुंचे और पूरे मन से गीत रिकॉर्ड किया। बताया जाता है कि गीत की रिकॉर्डिंग पूरी होने के बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि जब इतने पैसे लिए हैं तो एक अंतरा और रिकॉर्ड करवा लो। स्टूडियो में मौजूद सभी लोग उनकी बात सुनकर मुस्कुरा उठे।
रिकॉर्डिंग खत्म होने के बाद सुधाकर शर्मा ने 17 हजार रुपये किशोर कुमार को सौंप दिए। किशोर कुमार ने पैसे अपने पास रख लिए लेकिन जैसे ही वह स्टूडियो से निकलने लगे उन्होंने चुपचाप पूरी रकम वापस सुधाकर शर्मा को लौटा दी। इतना ही नहीं उन्होंने उनसे कहा कि किसी को भी यह मत बताना कि मैंने पैसे वापस कर दिए हैं। घर जाकर यह रकम अपनी पत्नी को दे देना क्योंकि फिल्म बनाना आसान काम नहीं होता और परिवार की जिम्मेदारियां भी साथ चलती हैं।
किशोर कुमार का यह व्यवहार देखकर सुधाकर शर्मा भावुक हो गए। उन्हें समझ आ गया कि फीस मांगना शायद केवल उनकी आर्थिक स्थिति को समझने और उनकी मदद करने का एक तरीका था। बिना किसी दिखावे के सहायता करना किशोर कुमार की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक थी।
किशोर कुमार ने अपने करियर में हजारों गीत गाए और राजेश खन्ना अमिताभ बच्चन देव आनंद ऋषि कपूर जैसे कई बड़े सितारों की आवाज बने। उन्हें आठ फिल्मफेयर पुरस्कार मिले और आज भी उनके गीत हर पीढ़ी के लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। लेकिन उनकी महानता केवल उनकी गायकी तक सीमित नहीं थी बल्कि उनके व्यक्तित्व में छिपी संवेदनशीलता और उदारता भी उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाती है।
आज भी जब किशोर कुमार का नाम लिया जाता है तो उनकी अमर आवाज के साथ ऐसे प्रेरणादायक किस्से भी याद आते हैं जो बताते हैं कि असली महानता केवल सफलता से नहीं बल्कि बड़े दिल और नेक इंसानियत से हासिल होती है।
