अमित राय ने एक विशेष साक्षात्कार में वरिष्ठ अभिनेता परेश रावल के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए कहा कि वह एक महान कलाकार हैं और उनके द्वारा लिए गए नाम कद में काफी बड़े हैं, इसलिए वह उन पर कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करना चाहते। हालांकि, फिल्म के लेखन और उसके स्वामित्व के कानूनी पक्ष पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस फिल्म का विचार पूरी तरह से उनके अपने मस्तिष्क की उपज है। इस कहानी के सृजनकर्ता, लेखक और विधिक रूप से मालिक वही हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह भावनात्मक और रचनात्मक दोनों ही स्तरों पर इस फिल्म की पटकथा के वास्तविक जनक हैं।
क्रेडिट न दिए जाने के आरोपों का तार्किक जवाब देते हुए निर्देशक ने कहा कि यदि इस प्रकार के दावे किए जा रहे हैं, तो संबंधित पक्षों को फिल्म के आधिकारिक क्रेडिट रोल को पुनः खोलकर ध्यान से देखना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि फिल्म के शुरुआती और मुख्य क्रेडिट्स में परेश रावल की पत्नी और उनके व्यावसायिक साझीदार का नाम बतौर निर्माता स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है। ऐसे में यह कहना कि उन्हें या उनके परिवार को इस परियोजना से अलग रखा गया या कोई श्रेय नहीं दिया गया, पूरी तरह से अनुचित और तथ्यों से परे है।
फिल्म उद्योग के भीतर चल रही उन चर्चाओं को भी निर्देशक ने पूरी तरह से नकार दिया जिनमें यह कहा जा रहा था कि सुपरस्टार अक्षय कुमार के फिल्म में शामिल होने के बाद इसकी मूल कहानी और पटकथा की संरचना में बड़े बदलाव किए गए थे। अमित राय ने कहा कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री उनके इस स्वभाव से भली-भांति परिचित है कि वह अपनी लिखी हुई चार पंक्तियों को भी किसी के दबाव में आकर नहीं बदलते हैं। अपनी कलात्मक दृढ़ता को रेखांकित करने के लिए उन्होंने संगीतकार आर.डी. बर्मन का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार एक सच्चा संगीतकार अपनी बनाई धुनों से कोई समझौता नहीं करता, उसी प्रकार वह भी अपनी कहानी के मूल स्वरूप की रक्षा करते हैं।
उन्होंने अपने लंबे संघर्ष का हवाला देते हुए कहा कि यदि वह परिस्थितियों के अनुसार अपनी पटकथाओं और विचारों को बदलने वाले लचीले व्यक्ति होते, तो उन्हें फिल्म उद्योग में काम पाने के लिए 14 वर्षों तक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती। इस स्पष्टीकरण के साथ निर्देशक ने यह साफ कर दिया है कि ‘ओएमजी 2’ पूरी तरह से उनकी मौलिक सिनेमाई अभिव्यक्ति है, जिसमें व्यावसायिक सफलताओं के लिए कोई कृत्रिम बदलाव नहीं किए गए थे। इस बयान के बाद फिल्म के वैधानिक और रचनात्मक अधिकारों को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर पूर्ण विराम लग गया है।
