गोविंदा ने कोमल रानी के साथ मंदिर जाने को उनकी आगामी फिल्म से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि वह ‘रूपा’ के लिए प्रार्थना करने लाल बाग के राजा के दर्शन करने पहुंचे थे। अभिनेता ने यह भी कहा कि वह इससे पहले अपनी सह-अभिनेत्रियों करिश्मा कपूर और रवीना टंडन के साथ भी मंदिर जा चुके हैं।
गोविंदा के मुताबिक, करिश्मा कपूर के साथ मंदिर जाने का अनुभव उनके लिए अच्छा रहा था और उस दौर में उनकी फिल्मों ने अच्छा प्रदर्शन किया था। इसी तरह वह रवीना टंडन के साथ भी मंदिर जा चुके हैं। अब उन्होंने कोमल रानी के साथ दर्शन करने की वजह फिल्म की शुरुआत और उसके लिए की गई प्रार्थना को बताया है।
अभिनेता ने कहा कि वह लंबे समय बाद दोबारा काम शुरू कर रहे हैं, इसलिए फिल्म के लिए प्रार्थना करने मंदिर गए थे। उनके मुताबिक, कोमल रानी के साथ मंदिर जाना किसी निजी रिश्ते का संकेत नहीं है, बल्कि फिल्म से जुड़ी वजह से हुआ।
डेटिंग की अटकलों पर गोविंदा ने स्पष्ट तौर पर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि फिल्म अभी शुरू ही हुई है और इसके बारे में इतनी चर्चा पहले से होने लगी है। अभिनेता ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि अगर किसी फिल्म को लेकर वह और उनकी सह-अभिनेत्री चर्चा में आ रहे हैं तो लोगों को इससे परेशानी क्यों हो रही है।
गोविंदा ने कहा कि वह यह समझ नहीं पा रहे हैं कि उनके मशहूर होने या फिल्म को लेकर चर्चा बढ़ने से लोगों को आपत्ति क्यों हो रही है। उन्होंने कोमल रानी के साथ रिश्ते की अटकलों को खारिज किया और ऐसी चर्चाओं पर नाराजगी जाहिर की।
अभिनेता ने इन अफवाहों को लेकर यह भी दावा किया कि मामला अचानक शुरू हुई चर्चा नहीं है। उनके अनुसार, इसके पीछे उन्हें उनके परिवार से दूर करने और उनकी छवि खराब करने की सोची-समझी कोशिश शामिल है। हालांकि, उन्होंने अपनी बात रखते हुए इस पूरे मामले को फिल्म ‘रूपा’ से जोड़कर देखा।
‘रूपा’ गोविंदा के लंबे अंतराल के बाद आने वाले प्रोजेक्ट के तौर पर चर्चा में है। फिल्म में उनके साथ कोमल रानी दिखाई देंगी। फिल्म की घोषणा के बाद से ही दोनों कलाकारों को लेकर चर्चा चल रही है। मंदिर में साथ पहुंचने के बाद सामने आई डेटिंग की अटकलों के बीच गोविंदा ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
अभिनेता की प्रतिक्रिया के मुताबिक, कोमल रानी के साथ उनका मंदिर जाना फिल्म के लिए की गई प्रार्थना का हिस्सा था। उन्होंने पुरानी सह-अभिनेत्रियों के साथ मंदिर जाने के उदाहरण देते हुए कहा कि इस तरह की मुलाकातों को निजी रिश्ते से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
