इस खास मौके पर अनुभवी अभिनेत्री शबाना आजमी और अभिनेता सनी देओल बेहद भावुक नजर आए। फिल्म के एक बेहद कठिन और संवेदनशील दृश्य की शूटिंग को याद करते हुए शबाना आजमी ने बताया कि एक कलाकार के तौर पर उस पल को जीना उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण और असहज करने वाला था। दृश्य की मांग के अनुसार जब खलनायक द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा था, तब वे खुद को बेहद असहाय महसूस कर रही थीं।
शबाना आजमी ने भावुक होकर बताया कि उस कठिन परिस्थिति में सनी देओल ने जिस तरह आगे बढ़कर उन्हें सहारा दिया, उसने अभिनय के दायरे को लांघकर वास्तविक जीवन की संवेदनशीलता को दर्शाया। सीन पूरा होते ही सनी देओल ने उन्हें दुपट्टे से ढका और एक रक्षक की भूमिका निभाई। इस पल ने पर्दे के पीछे के कलात्मक रिश्ते को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया, जिसे अभिनेत्री ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया।
सनी देओल ने भी इस सहयोग पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि शबाना आजमी के साथ काम करना एक अद्भुत अनुभव रहा। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान दोनों के बीच किसी पेशेवर अदाकारी से इतर एक वास्तविक और प्रगाढ़ रिश्ता महसूस हुआ। अभिनेता ने इस फिल्म को दुनिया की सभी माताओं को समर्पित करते हुए सिनेमा के माध्यम से रिश्तों की गहराई को उजागर करने की बात कही।
वहीं, इस महत्वाकांक्षी सिनेमाई परियोजना के पीछे के लंबे संघर्ष पर बात करते हुए निर्देशक राजकुमार संतोषी ने बताया कि इस कहानी को बड़े पर्दे तक लाने में दो दशक से भी अधिक समय लग गया। साल 2009 में एक नाटक से प्रेरित इस विषय पर फिल्म बनाने का प्रयास 2010 से लगातार जारी था, लेकिन वित्तीय और संरचनात्मक सहयोग न मिल पाने के कारण इसमें लगातार विलंब होता रहा।
फिल्म निर्माण की इस लंबी यात्रा में अंततः आमिर खान के सहयोग से इस परियोजना को गति मिली। कहानी की गहराई और ऐतिहासिक संदर्भ को समझते हुए निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया, जिससे यह वर्षों पुरानी परिकल्पना साकार हो सकी। राजकुमार संतोषी और सनी देओल की जोड़ी ने अतीत में भी कई यादगार फिल्में दी हैं और इस नई फिल्म के जरिए उन्होंने एक बार फिर अपनी रचनात्मक साझेदारी को साबित किया है।
ट्रेलर लॉन्च के इस अवसर पर फिल्म की पूरी स्टारकास्ट उपस्थित रही, जहां ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित इस थ्रिलर और ड्रामा फिल्म की मेकिंग से जुड़े कई अनदेखे पहलुओं पर चर्चा की गई। दर्शकों के बीच इस फिल्म को लेकर उत्सुकता बनी हुई है, क्योंकि इसमें इतिहास के एक दर्दनाक दौर को भावनात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
