कारोबार की शुरुआत भी सकारात्मक रही। सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर से ऊपर खुला और दिनभर खरीदारी के दम पर लगातार मजबूत बना रहा। कारोबार के दौरान यह 78,282.55 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। वहीं निफ्टी ने भी शुरुआती बढ़त को बरकरार रखते हुए दिन के दौरान 24,367.30 का इंट्रा-डे हाई बनाया। बाजार बंद होने तक प्रमुख सूचकांक अपने ऊंचे स्तरों के करीब बने रहे, जिससे पूरे कारोबारी सत्र में सकारात्मक रुझान देखने को मिला।
बाजार की तेजी में सबसे बड़ी भूमिका बैंकिंग और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों ने निभाई। निजी बैंकों में मजबूत खरीदारी के कारण निफ्टी प्राइवेट बैंक सूचकांक सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाला सेक्टर रहा। इसके अलावा आईटी, बैंकिंग, रियल्टी और ऑटो सेक्टर में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और एक्सिस बैंक जैसे बड़े शेयरों ने प्रमुख सूचकांकों को मजबूती प्रदान की। निफ्टी 50 में टेक महिंद्रा, टीसीएस, कोटक महिंद्रा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर प्रमुख बढ़त दर्ज करने वालों में शामिल रहे।
हालांकि बाजार का रुख पूरी तरह एकतरफा नहीं रहा। फार्मा, हेल्थकेयर, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में कुछ दबाव देखने को मिला। इसी तरह मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी सीमित कमजोरी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर इन वर्गों पर देखने को मिला, लेकिन बड़े शेयरों में मजबूत खरीदारी ने पूरे बाजार को सकारात्मक दिशा दी।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कई कारोबारी सत्रों से सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद बाजार ने महत्वपूर्ण तकनीकी ब्रेकआउट दिया है। इसे निवेशकों के बढ़ते भरोसे और मजबूत बाजार धारणा का संकेत माना जा रहा है। तकनीकी संकेतकों के अनुसार निफ्टी अभी भी अपने प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि आरएसआई में भी सकारात्मक संकेत दिखाई दिए हैं। इससे निकट भविष्य में बाजार की मजबूती बरकरार रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि मौजूदा रुझान जारी रहता है तो निफ्टी आने वाले कारोबारी सत्रों में 24,800 के स्तर की ओर बढ़ सकता है। वहीं 24,200 का स्तर निकट अवधि के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। यदि सूचकांक इस स्तर से नीचे जाता है तो कुछ समय के लिए सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल सकता है। फिलहाल घरेलू आर्थिक संकेतकों, कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक घटनाक्रम पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी, क्योंकि यही कारक आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
