वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए गौतम अदाणी ने कहा कि किसी भी कॉर्पोरेट समूह के इतिहास में कुछ वर्ष ऐसे होते हैं जो केवल उपलब्धियों के आंकड़ों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि संगठन की क्षमता, दृष्टि और चुनौतियों से मुकाबला करने के संकल्प को परिभाषित करते हैं। उनके अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 अदाणी ग्रुप के लिए ऐसा ही एक महत्वपूर्ण वर्ष साबित हुआ है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर यह समय कई तरह की अनिश्चितताओं और चुनौतियों से भरा रहा। ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दे दुनिया भर में राष्ट्रीय रणनीतियों के केंद्र में लौटे, जबकि तकनीक और नवाचार किसी भी देश की आर्थिक और रणनीतिक ताकत के महत्वपूर्ण आधार बनकर उभरे। ऐसे माहौल में भी समूह ने भारत की विकास यात्रा में अपनी भूमिका को और मजबूत करने का निर्णय लिया।
गौतम अदाणी ने कहा कि समूह का मानना है कि भारत की विकास आवश्यकताओं को टालकर नहीं देखा जा सकता। इसी सोच के तहत ऊर्जा, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, बंदरगाह, हवाई अड्डे और अन्य रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश जारी रखा गया। उनका कहना था कि आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक वृद्धि को मजबूत आधार देने के लिए आधुनिक और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे का निर्माण अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह प्रगति आसान परिस्थितियों में हासिल नहीं हुई। समूह को विभिन्न स्तरों पर लगातार जांच-पड़ताल और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद निवेश और विस्तार की योजनाओं को रोका नहीं गया। उनके अनुसार किसी भी संगठन की पहचान बाहरी शोर या आलोचनाओं से नहीं, बल्कि चुनौतियों के प्रति उसकी प्रतिक्रिया और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से तय होती है।
बैठक के दौरान गौतम अदाणी ने इस वर्ष की शुरुआत में सफलतापूर्वक संपन्न हुए 25,000 करोड़ रुपए के राइट्स इश्यू का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे केवल पूंजी जुटाने का माध्यम नहीं, बल्कि निवेशकों और शेयरधारकों के विश्वास की परीक्षा बताया। उनके अनुसार यह भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास के सबसे बड़े राइट्स इश्यू में से एक था और इसमें निवेशकों की सक्रिय भागीदारी ने समूह की विश्वसनीयता को और मजबूत किया।
उन्होंने कहा कि कुछ वर्गों द्वारा संदेह और सवाल उठाए जाने के बावजूद शेयरधारकों ने समूह पर भरोसा जताया और विकास परियोजनाओं में निरंतर निवेश के लिए समर्थन दिया। यह समर्थन न केवल व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत के दीर्घकालिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में निजी क्षेत्र की भूमिका को भी मजबूत करता है।
अदाणी ग्रुप का मानना है कि आने वाले वर्षों में देश में ऊर्जा, परिवहन और औद्योगिक बुनियादी ढांचे की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में बड़े निवेशों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को गति देने, रोजगार के अवसर सृजित करने और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत बनाने की दिशा में समूह अपनी भूमिका को और विस्तार देगा। वित्त वर्ष 26 में किया गया यह निवेश इसी दीर्घकालिक रणनीति और विकास दृष्टि का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
