नई दिल्ली। आषाढ़ पूर्णिमा (Ashadha Purnima) यानी 29 जुलाई 2026 को चंद्रमा मकर राशि में और गुरु बृहस्तपति (Guru Brihaspati) ग्रह का संचरण कर्क राशि में होगा. इस तरह गुरु-चंद्र के बीच समसप्तक योग के निर्माण होने से गजकेसरी राजयोग (Gajakesari Rajyoga 2026) बनेगा. यह योग 48 से 54 घंटे तक सक्रिय रह सकता है. गजकेसरी राजयोग (Gajakesari Rajyoga 2026) 4 राशि के लोगों के लिए अति शुभ सिद्ध हो सकता है।
ध्यान दें ज्ञान के कारक गुरु और मन के कारक चंद्रमा के बीच जब एक युति होती है या एक-दूसरे से ये दोनों ग्रह सप्तम भाव में होते हैं तो गजकेसरी राजयोग का निर्माण होता है. आइए जानें किन 4 राशि के लोगों को इस राजयोग से सुख, सम्मान और धन की प्राप्ति होगी।
कर्क राशि
गजकेसरी योग कर्क राशि को अति शुभ परिणाम दे सकता है. आर्थिक लाभ के रास्ते खुलेंगे. आध्यात्मिक और धार्मिक विषयों में रुचि बढ़ेगी. पुरानी मनोकामना पूरी हो सकती है. सुख और मन की शांति में बढ़ोतरी होगी. बिजनेस में मनचाही सफलता मिल सकती है।
कन्या राशि
गजकेसरी योग कन्या राशि के लिए शुभ सिद्ध होगा. आर्थिक पक्ष में सुधार होगा. हर ओर से सफलता प्राप्त हो सकेगी. समाज में सम्मान और कार्यस्थल पर पद बढ़ेगा. छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में मनचाहे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं. सोच में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।
धनु राशि
गजकेसरी योग धनु राशि के जातकों के लिए सफलता के रास्ते खोलेगा. कार्यक्षेत्र में बड़ा पद प्राप्त होने के योग बनेंगे. पहले की मेहनत का शुभ परिणाम मिलेगा. बड़ी खुशखबरी प्राप्त हो सकती है. वैवाहिक जीवन में सकारात्मक बदलाव हो सकते हैं. आय में वृद्धि होगी।
मीन राशि
गजकेसरी योग मीन राशि के लोगों के लिए लाभ के रास्ते खोलेगा. पुराने निवेश से बड़े धन से लाभ के योग हैं. अटकी हुई योजनाओं पर काम शुरू हो सकेगा. मानसिक शांति मिलेगी. परिवार के साथ लंबे समय से चल रहा मनमुटाव दूर होगा. नौकरी की तलाश पूरी होगी।
