जानकारी के मुताबिक भूरा जाटव के बेटे रंजीत उनकी पत्नी गुड्डी बाई और दूसरे बेटे राजा बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे मजदूरी करने के लिए घर से निकले थे। रोज की तरह परिवार के लोग काम पर चले गए थे। भूरा उस समय घर पर ही थे। परिवार के सदस्य दिनभर मजदूरी करने के बाद शाम करीब 4:30 बजे वापस लौटे। इसी दौरान गुड्डी बाई की नजर कमरे में गई तो उन्होंने भूरा को फंदे पर लटका देखा। यह देखकर वह घबरा गईं और उन्होंने तुरंत परिवार के अन्य सदस्यों तथा पड़ोसियों को सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। परिजनों ने भूरा को फंदे से नीचे उतारा लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। लुकवासा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेने के बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों के मुताबिक भूरा जाटव लंबे समय से टीबी की बीमारी से परेशान थे और उनका इलाज भी चल रहा था। बीमारी को लेकर वह काफी समय से परेशान बताए जा रहे थे। हालांकि घटना के पीछे बीमारी के अलावा कोई अन्य वजह थी या नहीं इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को देखा जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद गुरुवार को भूरा जाटव के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस ने परिवार के सदस्यों से भी घटना के संबंध में जानकारी ली है। फिलहाल पुलिस की जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। जिस घर में परिवार के लोग रोजी रोटी के लिए सुबह मजदूरी करने निकले थे उसी घर में शाम को उन्हें अपने परिजन का शव मिला। घटना ने पूरे इलाके के लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।
